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औरंगाबाद: गाय-भैंस की मौत पर नहीं डूबेगा किसान का सहारा, 75 प्रतिशत प्रीमियम देगी सरकार

Published: Wed, 07 Oct 2026 03:42 PM (IST)

औरंगाबाद जिले में डेयरी किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गव्य विज्ञान प्रशिक्षण और पशु बीमा योजनाएं तेज की गई हैं।

समीक्षा बैठक में डीएम अभिलाषा शर्मा

समीक्षा बैठक में डीएम अभिलाषा शर्मा

HighLights

  1. डेयरी किसानों को गव्य विज्ञान का उन्नत प्रशिक्षण मिलेगा।

  2. पशु बीमा योजना में 75% प्रीमियम सरकार देगी।

  3. औरंगाबाद के पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जिले में डेयरी किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गव्य विज्ञान प्रशिक्षण एवं पशु बीमा योजना का लाभ दिलाने की कवायद तेज की गई है।

जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर गव्य विकास कार्यालय द्वारा दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को पात्र पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर फोकस करने को कहा गया है।

गव्य विज्ञान प्रशिक्षण योजना 2026-27 के तहत किसानों को गव्य प्रबंधन, नस्ल पहचान, दुधारू मवेशियों की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नस्ल सुधार, हरा चारा उत्पादन, प्राथमिक उपचार और स्वच्छ दूध उत्पादन की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा डेयरी उद्यमिता, स्टार्टअप और इंटीग्रेटेड डेयरी फार्मिंग जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर डेयरी को आय का बेहतर साधन बनाना है।

वहीं, पशुपालकों को पशु बीमा योजना के तहत दुधारू मवेशियों का बीमा कराने का अवसर दिया जा रहा है। एक पशु का अधिकतम बीमित मूल्य 50 हजार रुपये निर्धारित है। एक वर्ष के बीमा के लिए 2.31 प्रतिशत की दर से 1,155 रुपये प्रीमियम निर्धारित है।

इसमें राज्य सरकार 75 प्रतिशत यानी 866.25 रुपये का अनुदान देगी, जबकि पशुपालक को मात्र 25 प्रतिशत यानी 288.75 रुपये अंशदान देना होगा।

पशुओं की गंभीर बीमारी अथवा अन्य कारणों से मृत्यु होने पर होने वाले आर्थिक नुकसान से पशुपालकों को सुरक्षा देना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा निविदा के माध्यम से चयनित आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों की समीक्षा में अधिक से अधिक पात्र पशुपालकों को योजना से जोड़ने और उन्हें इसकी जानकारी देने पर जोर है।

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