जागरण संवाददाता, औरंगाबाद : बिहार के पिछड़ेपन पर चर्चा के लिए विभा-2025 का आयोजन किया गया है। गुरुवार को अधिवक्ता जसवंत सिंह, बिनोद सम्राट, शंकर झा आजाद, गोपाल शरण सिंह एवं राकेश सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बिहार के लोग प्रतिभा के धनी हैं। यहां प्रचुर मात्रा में श्रम शक्ति उपलब्ध है, बावजूद बिहार पिछड़ा क्यों है इस पर चर्चा के लिए विभा-2025 गोष्ठी शनिवार को अनुग्रह नारायण सिंह नगर भवन में आयोजित की गई है। मुख्य वक्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सांसद राजीव प्रताप रूडी होंगे। चर्चा में सभी राजनीतिक दल, बुद्धिजीवियों एवं देश-विदेश में बसे बिहार के प्रतिभावान लोगों को आमंत्रित किया गया है। 

जसवंत ने कहा कि बिहार के विकास के लिए जातिवादी राजनीतिक चक्रव्यूह को तोड़ना होगा। सवाल उठाया और कहा कि 1965 तक देश में विकास के मामले में एक या दो नंबर पर रहनेवाला बिहार पिछड़ कैसे गया। एक-एक फैक्ट्री कैसे बंद होती चली गई। देखते ही देखते बिहार मजदूरों का हब बन गया। पांच नदियों वाला पंजाब खुशहाल हो गया और 25 नदियों वाला बिहार बदहाल है। बिहार के पिछड़ेपन पर चर्चा करना जरूरी है। जब तक हम चर्चा नहीं करेंगे हम विकास के मामले में आगे नहीं बढ़ सकते हैं। 

विकास के लिए क्षेत्रवादी राजनीति से ऊपर उठना होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में बिहार कैसे पिछड़ गया इस पर बहस के लिए विभा ने मंच सजाया है। मंच से राजीव प्रताप रूडी के अलावा अन्य बुद्धिजीवी, पत्रकार, शिक्षक, अधिवक्ता यह बताएंगे कि बिहार में उत्तरोतर विकास के लिए हमें क्या करना होगा। पांच नवंबर को नगर भवन में कार्यक्रम आयोजित की गई है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामानुज पांडेय, उज्जवल कुमार, अयोध्या सिंह उपस्थित रहे।

Edited By: Prashant Kumar Pandey

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