औरंगाबाद। नगर थाना क्षेत्र के रामलखन सिंह यादव कालेज शाहपुर निवासी भिमसेन प्रसाद गुप्ता की 17 वर्षीय पुत्री चांदनी कुमारी की हत्या से आक्रोशित महिलाओं ने गुरुवार को नगर थाना का घेराव किया। महिलाओं ने आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी की। पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाई। आक्रोशित लहजे में महिलाओं ने कहा कि अगर नगर थाना पुलिस शिकायत के बाद हरकत में आती तो चांदनी की जान बच सकती थी। पुलिस ने कार्रवाई में देरी की जिस कारण अपराधियों ने चांदनी की हत्या कर शव को गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में फेंक दिया। उसकी हत्या बेरहमी से की गई है।

चांदनी की बुआ (फुआ) बेबी देवी ने नगर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार से सवाल किया कि क्या गरीबों को जीने का अधिकार नहीं है। कालेज गई छात्रा की अपराधियों ने बोलेरो से अपहरण कर हत्या कर दी और पुलिस चुप रही। थाने का घेराव किए महिलाओं को थानाध्यक्ष के साथ अन्य पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। महिलाएं 24 घंटे के अंदर आरोपितों को गिरफतार करने एवं स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपितों को सजा दिलाने की मांग कर रहे थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोतियों की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार की रात देव में आरोपितों के घर छापेमारी की गई है। घर से सभी फरार हैं। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी में लगी है। हत्या कर बाराचट्टी में फेंक दिया छात्रा का शव

एसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि छात्रा हत्याकांड में पुलिस आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। हर हाल में आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। बता दें कि 22 नवंबर को घर से कालेज गई छात्रा चांदनी कुमारी की अपहरण कर आरोपितों ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में फेंक दिया था। मामले में चांदनी की मां बेबी देवी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। देव निवासी सुनील साव एवं उनका पुत्र निखिल कुमार नामजद आरोपित किया गया है। ----------------------------

इंसेट धोखा देकर निखिल ने चांदनी को मार डाला

औरंगाबाद : स्वजन ने बताया कि देव निवासी सुनील साव के पुत्र निखिल कुमार ने धोखे से चांदनी कुमारी की हत्या कर दी। शव को किसी वाहन से ठिकाने लगा दिया। फोन पर चांदनी के स्वजनों को बरगलाता रहा कि चांदनी मेरे पास है। कुछ देर बाद बताया कि उसे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जीटी रोड देव मोड़ पर छोड़ दिया है। जब देर रात तक चांदनी घर नहीं लौटी तो निखिल ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। बताया जाता है कि निखिल एवं चांदनी एक-दूसरे को करीब से जानते थे। निखिल का चांदनी के घर आना जाना लगा रहता था। चांदनी के स्वजन के पास निखिल का मोबाइल नंबर भी था। चांदनी मां-पिता की इकलौती पुत्री थी और सच्चिदानंद सिन्हा कालेज में बीए पार्ट-1 की छात्रा थी।

Edited By: Jagran