अरवल में मछलीपालकों को बड़ी पहल: जिले के 253 तालाबों का होगा बीमा, आपदा और नुकसान से मिलेगी सुरक्षा
अरवल जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत 253 तालाबों का बीमा होगा। यह पहल मछली पालकों को ...और पढ़ें
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जिले के 253 तालाबों का होगा बीमा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
अरवल में 253 तालाबों का बीमा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत पहल।
मछली पालकों को आपदा से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, अरवल। जिले के सरकारी और निजी तालाब,पोखर का बीमा कराया जाएगा। प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के तहत मत्स्यपालकों के द्वारा जलीय क्षेत्रों में किए जा रहे मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए बीमा योजना का लाभ देने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
किसी भी प्रकार के प्राकृतिक आपदा या अन्य जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से मछली पालन करने वाले लोगों को सुरक्षा देना इस योजना का उद्देश्य है। इसके लिए विभाग द्वारा यह नई पहल की गई है।
जिले भर में 253 पोखर और तालाब
मत्स्यपालकों के तालाब के बीमा होने से मछली उत्पादन के दौरान कभी भी किसी कारण से अगर मछली मरने या किसी अन्य प्रकार के आपदा से होने वाले नुकसान में बीमा काफी सहयोगी साबित होगा।

मत्स्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले भर में 253 पोखर, तालाब हैं। इन पोखर,तालाबों का जलक्षेत्र 230.53 हेक्टेयर है। जिसमें सरकारी 197 और निजी 56 तालाब है जिसमें मत्स्यपालन होता है। इन सभी पोखरों, जलकर का जलीय कृषि बीमा कराया जाना है। विभाग द्वारा इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंप दी गई है।
ऐसे होगा तालाबों का बीमा
सरकारी तालाबों का बीमा बंदोबस्ती लेने वाले लोग और निजी तालाब के मालिक को मत्स्य विभाग में रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। उसके बाद बीमा कंपनी मत्स्यपालकों से संपर्क करेगी बीमा का 20 प्रतिशत विभाग देगा। वहीं महिला और एससी, एसटी वर्ग वाले को अनुदान 30 प्रतिशत दिया जाएगा।
मछली पालन करने वाले रजिस्टर्ड मत्स्यपालकों को मत्स्य पालन विभाग से 5 लाख तक मुफ्त बीमा कराया जाता है। जिसमें पानी में डूबने, जहरीले जीव के काटने, अपराधियों द्वारा हत्या करने या अन्य किसी भी प्रकार से मृत्यु होने पर उनके स्वजनों को 5 लाख की राशि बीमा कंपनी देती है । - आशुतोष आनंद, जिला मत्स्य पालन पदाधिकारी
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