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अररिया। अररिया के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वितीय शशिधर विश्वकर्मा की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में बुधवार को गोपालपुर निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद मुस्ताक को 10 साल का सश्रम कैद सहित 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने का फैसला सुनाते हुए दोषसिद्ध आरोपित को जुर्माना राशि नहीं भरने पर तीन महीने का अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में पुलिस की प्राथमिकी में दुष्कर्म का प्रयास और और पीड़िता के कोर्ट में बयान में दुष्कर्म करने की जानकारी दी गई थी

यह जानकारी देते हुए एपीपी अब्दुल मन्नान बताया कि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एसएस चौधरी ने अदालत में प्रतिवादी का पक्ष रखे थे। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने तथा पीड़िता के अदालत में दिए गए बयान के आधार पर गोपालपुर निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद मुस्ताक को 10 साल का सश्रम कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई। अर्थदंड राशि पीड़िता को देने का फैसला सुनाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपित को जुर्माना राशि नहीं भरने पर तीन महीने का अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई है। इससे पहले उन्होंने बताया कि

दुष्कर्म की वारदात आठ सितंबर 2011 को हुई थी। पीड़िता घटना के दिन अपने घर के समीप मकई के खेत में घास काटने गई थी। इस मामले में पीड़िता के बयान पर रानीगंज पुलिस ने दुष्कर्म का प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की थी। वहीं पीड़िता ने अदालत में नामजद आरोपित पर दुष्कर्म की घटना की जानकारी दी थी। इसी आधार पर रानीगंज के गोपालपुर निवासी मोहम्मद मुस्ताक को दुष्कर्म का आरोपित पाया गया और सजा सुनाई गई।

Posted By: Jagran