अररिया। बबली देवी हत्याकांड में पुलिस अनुसंधान को दिग्भ्रमित करने वाले पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। यह संकेत पुलिस सूत्रों ने दिया है। गौरतलब है कि एक अनुसूचित जाति की गरीब महिला की हत्या के आठ माह से अधिक बीत जाने के बाद भी पुलिस की शिथिल कार्रवाई से लोगों का पुलिस पर से भरोसा लगभग उठ गया था। इस बाबत पुलिस सूत्रों का मानना है की अनुसंधान की दिशा को गुमराह करने वालों पर भी हत्या आरोपितों का साथ देने की कार्रवाई हो सकती है। ऐसे षड्यंत्रकारियों के चलते अब तक वास्तविक हत्यारे तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। नौ महीने पहले 12 जनवरी की रात जब फुलकाहा थाना क्षेत्र के नवाबगंज पंचायत स्थित भोड़हर गांव के वार्ड संख्या 12 में 22 वर्षीय बबली देवी की हत्या कर शव को आम के पेड़ से लटकाया गया था, उस समय बबली का पति पंजाब में था । घटना की जानकारी पर गांव पहुंचे उसके पति बबलु पासवान थाना में जाकर गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था, ¨कतु पुलिस के हलक से नीचे उसकी बात नहीं उतरी कि आरोपित ही हत्यारा है। फिर भी पुलिस कई ¨बदुओं से मामले की जांच में जुटी रही । इस बीच पुलिस इस निष्कर्ष पहुंची कि बबली की हत्या की गई है। पुलिस को इस मामले में गुमराह करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

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नये सिरे से अनुसंधान किया जा रहा है । मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद वास्तविक हत्यारे तक पहुंचने के सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही पुलिस हत्यारे तक पहुंच कर उसे गिरफ्तार करेगी। फिर हत्या के रहस्य से पर्दा उठ पाएगा। इसके बाद इस मामले में अभियुक्त को बचाने वाले पर भी कार्रवाई होगी। - चंद्रकिशोर टुड्डू, थानाध्यक्ष, फुलकाहा

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