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98 साल की पत्नी के बाद 100 साल के पति ने ली अंतिम सांस, बिहार में बुजुर्ग दंपती का 1 घंटे के अंदर निधन

Published: Fri, 20 Feb 2026 05:54 PM (IST)Updated: Fri, 20 Feb 2026 06:29 PM (IST)

अररिया के फारबिसगंज प्रखंड के हलहलिया गांव में एक हृदयविदारक घटना हुई। 100 वर्षीय सुखदेव ठाकुर और उनकी 98 वर्षीय ...और पढ़ें

1 घंटे के अंदर दंपती की मौत। (AI Generated Image)

1 घंटे के अंदर दंपती की मौत। (AI Generated Image)

HighLights

  1. हलहलिया में बुजुर्ग दंपति का एक घंटे में निधन।

  2. सौ वर्षीय पति, 98 वर्षीय पत्नी ने एक साथ त्यागे प्राण।

  3. पूरे गांव में शोक, अटूट प्रेम की चर्चा।

संवाद सूत्र, रेणुग्राम (अररिया)। फारबिसगंज प्रखंड के हलहलिया पंचायत के वार्ड संख्या पांच जागिर हलहलिया में गुरुवार की रात्रि हृदयविदारक घटना सामने आई है। जहां एक बुजुर्ग दंपती का एक घंटे के अंतराल में निधन हो गया।

घटना से स्वजनों सहित समस्त गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। स्वजनों एवं ग्रामीणों ने बताया कि गुरूवार की देर रात्रि 10 से ग्यारह बजे की बीच सौ वर्षीय सुकदेव ठाकुर उर्फ मुनी जी एवं उनकी धर्मपत्नी 98 वर्षीय पत्नी राधा देवी का गुरुवार की रात निधन हो गया।

स्वजन विकाश ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया है कि पहले पत्नी राधा देवी  ने अंतिम सांस ली, जिसके कुछ ही समय बाद उनका पति सुकदेव ठाकुर उर्फ मुनी जी ने भी प्राण त्याग दिए। दोनो दंपती का जीवन भर का साथ इस तरह एक साथ समाप्त हो जाने से लोग भावुक हो उठे।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना क्षेत्र में विरले ही देखने को मिलती है। दोनों पति-पत्नी का आपसी प्रेम और साथ जीवन भर मिसाल बना रहा। गांव के बुजुर्गों के अनुसार सुकदेव ठाकुर उर्फ मुनी जी मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, वही  राधा देवी धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। दोनों समाज में सम्मानित थे।

मृतक दंपति अपने पीछे तीन पुत्र एवं तीन पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया अशोक कुमार यादव, डॉ. शिवनारायण यादव, अनिरुद्ध यादव, अखलेश मंडल, बासुदेव ठाकुर, रामानंद ठाकुर, विजय ठाकुर, श्रवण ठाकुर, श्रवण कुमार मंडल,मुन्ना भगत सहित कई गणमान्य लोग शोक संवेदना व्यक्त करने मृतक के आवास पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

इधर शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए, और नम आंखों से दंपति को अंतिम विदाई दी।

गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे अटूट दांपत्य प्रेम और जीवन भर के साथ का प्रतीक मान रहे।