सांप काटने से बच्ची की मौत के बाद अररिया में बवाल, सिकटी CHC से भागे डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मी
सिकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश से चार वर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का ...और पढ़ें

सांप काटने से बच्ची की मौत(प्रतीकात्मक तस्वीर)
HighLights
सिकटी CHC में सर्पदंश से बच्ची की मौत।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
आक्रोशित भीड़ देख डॉक्टर-कर्मी अस्पताल से भागे।
दीपक कुमार गुप्ता, सिकटी (अररिया )। सिकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब सर्पदंश की शिकार चार वर्षीय बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृत बच्ची की पहचान सिकटी थाना क्षेत्र के पररिया वार्ड संख्या 13, खान टोला निवासी मो. हैदर अली की चार वर्षीय पुत्री आफरीन के रूप में हुई।
बच्ची को सांप डसने पर परिजनों ने उसकी गंभीर हालत सीएचसी सिकटी लाया। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बच पाई। बच्ची की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ बिजेंद्र पंडित ने बताया कि बच्ची को अस्पताल लाए जाने के समय उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। बच्ची को बचाने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन करीब 20 मिनट बाद उसकी मृत्यु हो गई।
आक्रोशित भीड़ को देखकर अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी जितने भी थे वह अस्पताल को छोड़कर सब भाग खड़े हुए। अस्पताल में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इधर, बच्ची के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग पर अड़े रहे।
अस्पताल प्रशासन ने तुरंत सिकटी थाना को सूचना दी
परिजनों का कहना था कि सर्पदंश के बाद वे बच्ची को उम्मीद के साथ अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत सिकटी थाना को सूचना दी।
सिकटी थाना अध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे। मामला को बढ़ता देख उन्होंने परिजनों से बात की तथा समझा -बुझाकर मामले को शांत कराया।
सीएचसी प्रभारी ने बताया इस मामले में सीएचसी प्रभारी डा अजमत राणा ने बताया कि बच्ची को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा तत्काल उपचार शुरू किया गया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत नाजुक होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
उन्होंने इलाज में लापरवाही के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मामले में चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। इधर घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्ची की मौत ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं में समय पर उपचार और चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। परिवार में गमगीन माहौल व्याप्त है।
