पटना [जागरण टीम]। अररिया लोकसभा और जहानाबाद व भभुआ विधानसभा उपचुनावों को सत्तारूढ़ एनडीए ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हुए पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को अररिया में चुनाव प्रचार किया। सभा को संबाधित किया।
सीएम नीतीश ने कहा कि हम काम के आधार पर वोट मांगने आए हैं। कुछ लोग विवाद पैदा करके के  वोट मांग रहे हैं। अनर्गल बयान का हम जवाब नहीं देना चाहते है। संज्ञान भी नहीं लेते हैं। लालू यादव पर कटाक्ष करते हुए सीएम ने कहा कि जो पाप करेगा, जो गलत काम करेगा, उसे इसी जीवन में भुगतना पड़ेगा। इतनी धन की चाहत नहीं होनी चाहिए। नंवबर 2005 से हम न्याय के साथ विकास कर रहे हैं। किसी भी इलाके, जाति व धर्म के साथ मैने भेदभाव नहीं किया।
सीएम नीतीश ने आगे कहा कि पंचायत चुनाव में  वार्ड -पंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक को आरक्षण हमने दिया। संविधान में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था, हमने 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। सरकारी स्कूल में वर्ग पांच के बाद लड़कियां स्कूल नहीं जाती थी क्योंकि स्कूल जाने के लिए कपड़े नहीं होते थे। ड्रेस दिए, साइकिल दिए। यही कारण है कि बिहार में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ।
नीतीश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात 30 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए निगम बनाने जा रहे हैं। हर घर में चार वर्ष के अंदर नल का जल, पीसीसी सड़क व शौचालय होगा। हम लोग भाजपा उम्मीदवार प्रदीप सिंह के लिए वोट मांगने आए हैं। एनडीए उम्मीदवार प्रदीप सिंह को विजयी बनाएं। चिलचिलाती धूप , इतनी संख्या में आप आए, इसके लिए धन्यवाद देता हूं।
वहीं सुशील मोदी ने तेजस्वी के प्रचार का आक्रामक जवाब दिया। कहा कि आरक्षण खत्म नहीं होगा। पिछड़ों, अति पिछड़ों व दलितों को आरक्षण मिलता रहेगा। लालू यादव पंचायत चुनाव में दलितों को आरक्षण नहीं दिये थे। हमने तो पंचायत चुनाव तक में आरक्षण लागू किया है। तेजस्‍वी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं कि मेरे और मेरे परिवार के जानबूझ कर मुकदमा कराया जा रहा है, वे जान लें कि कोर्ट नीतीश व मोदी के अधीन काम नहीं करता। लालू जी को तीन -तीन कोर्ट ने जेल भेजा है।

Posted By: Amit Alok