अररिया में 2 जून को आ सकते हैं सीएम सम्राट चौधरी, प्रशासनिक तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 2 जून को सिकटी विधानसभा क्षेत्र में संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं।

सीएम सम्राट चौधरी। (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का 2 जून को सिकटी दौरा संभावित।
मजरख पंचायत में जन सहयोग शिविर में लेंगे भाग।
प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां जोरों पर, विकास पर जोर।
बिनोद कुमार झा, सिकटी (अररिया)। सीमांचल की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले सिकटी विधानसभा क्षेत्र में 2 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सिकटी प्रखंड की मजरख पंचायत में आयोजित होने वाले जन सहयोग शिविर में भाग ले सकते हैं।
हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया है। जन सहयोग शिविर के आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अलर्ट मोड पर विभाग
अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कई विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
सिकटी विधानसभा क्षेत्र को भाजपा का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र में भाजपा का संगठनात्मक आधार मजबूत रहा है और पार्टी को लगातार जनसमर्थन मिलता रहा है।
वर्तमान विधायक विजय कुमार मंडल क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। विगत तीन विधानसभा चुनाव मे यहाँ से भाजपा प्रत्याशी के रुप चुनाव जीते हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री का संभावित दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का दौरा केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से आगामी राजनीतिक रणनीतियों और विकास योजनाओं का भी संदेश देने का प्रयास किया जा सकता है।
विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र में विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को जनता के बीच रखने का अवसर मिलेगा।
इनके अलावे सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा, घुसपैठ और शराब तथा मादक पदार्थ की तस्करी के विषय पर भी मुख्यमंत्री की समीक्षा हो सकती है। हालांकि, सरकार के इस जन सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना तथा तीस दिनों में ही उसका समाधान करने की प्रतिबद्धता खास बात है।
शिविर का भी होगा आयोजन
इनके अलावे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और लोगों की शिकायतों, आवेदन तथा विकास संबंधी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के शामिल होने की स्थिति में क्षेत्र की जनता को अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है। मुख्यमंत्री के संभावित दौरे की खबर सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
पार्टी संगठन भी कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी में जुट गया है। विभिन्न पंचायतों और गांवों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता संपर्क अभियान चला रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़ी नई परियोजनाओं, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई तथा रोजगार संबंधी योजनाओं की घोषणा हो सकती है। लंबे समय से लंबित कई स्थानीय मांगों को भी इस दौरान सरकार के समक्ष रखा जा सकता है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जिस प्रकार तैयारियां चल रही हैं उससे यह माना जा रहा है कि दौरा संभावित है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें 2 जून पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
