अपराधियों की खैर नहीं! अररिया में एसपी की पहली क्राइम मीटिंग में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन का दिया टास्क
एसपी जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सिकटी थाना परिसर में अररिया जिले की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें अपराध ...और पढ़ें

अररिया एसपी जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में शामिल पुलिस अधिकारी
HighLights
लंबित कांडों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वैज्ञानिक अनुसंधान और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर विशेष बल।
भारत-नेपाल सीमा पर शराब तस्करी पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
संवाद सूत्र, सिकटी (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सिकटी थाना परिसर में पहली बार अररिया जिले की मासिक अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) का भव्य आयोजन किया गया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र उद्भेदन, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पुलिसिंग को परिणाममुखी बनाने पर गहन मंथन किया गया।
बैठक में जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारियों, एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टरों, थानाध्यक्षों के साथ-साथ ईआरएसएस, एफएसएल और एसएसबी के अधिकारियों ने भाग लिया।
वैज्ञानिक अनुसंधान पर विशेष बल, फरार व जेल से छूटे अपराधियों पर रखी जाएगी नजर
एसपी जितेंद्र कुमार ने जिले के सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित कांडों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, अपहरण और महिला व बाल अपराध जैसे संगीन मामलों में साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने के आदेश दिए। एसपी ने कहा कि गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए।
इसके साथ ही फरार चल रहे कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाने और जेल से बाहर आए अपराधियों की दैनिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
खुली सीमा पर मद्यनिषेध व गश्ती तेज, सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों पर होगा एक्शन
इंडो-नेपाल की खुली सीमा को ध्यान में रखते हुए एसपी ने शराब तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन पर लगातार छापेमारी करने के साथ-साथ पुलिस गश्ती, वाहन जांच और संदिग्धों की तलाशी को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
आगामी पर्व-त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री फैलाकर सौहार्द बिगड़ने वालों पर कड़ी नजर रखने की बात कही गई। एसपी ने स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का समाधान त्वरित और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए।
अपराध गोष्ठी में उपस्थित प्रमुख अधिकारियों की सूची
| पदाधिकारी का पदनाम | अधिकारी का नाम / विवरण |
| पुलिस अधीक्षक (एसपी), अररिया | जितेंद्र कुमार (अध्यक्षता) |
| सदर एसडीपीओ | सुशील कुमार |
| फारबिसगंज एसडीपीओ | राजकिशोर कुमार |
| मुख्यालय एसडीपीओ | संतोष कुमार पोद्दार |
| लाइन डीएसपी | सुधीर कुमार |
| सर्किल इंस्पेक्टर (अररिया) | दिनेश कुमार सिंह |
| सर्किल इंस्पेक्टर (रानीगंज) | सतीश कुमार सिंह |
| सर्किल इंस्पेक्टर (फारबिसगंज) | प्रेमचंद कुमार |
| सहयोगी एजेंसियां व बल | एसएसबी के वरीय अधिकारी, ईआरएसएस, एफएसएल व जिले के सभी थानाध्यक्ष |
"लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। थानाध्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध अनुसंधान पूरा करें और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। पुलिसिंग को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और आम जनता के लिए सुलभ व परिणाममुखी बनाया जाएगा।"
