अररिया में खुलेंगे 5 नए डिग्री कॉलेज, ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मिलेगी मदद
अररिया जिले के पांच कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। यह बिहार सरकार की उच्च शिक्षा को ...और पढ़ें

अररिया में खुलेंगे 5 नए डिग्री कॉलेज, ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मिलेगी मदद

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अफसर अली, अररिया। जिले के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र एवं छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। जिले के पांच कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे। कॉलेज खुलने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को हद तक राहत मिलेगी। बिहार सरकार ने राज्य के उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच आसान बनाने के लिए यह योजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिशा-निर्देशानुसार राज्य के 213 चिह्नित प्रखंडोें में नए डिग्री कॉलेज खोले जायेंगे। जिसमें अररिया का पांच प्रखंड शामिल है। इनमें जोकीहाट, सिकटी, पलासी, नरपतगंज और भरगामा शामिल है।
जिले के हजारों बच्चे इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक में नामांकन के लिए परेशान रहते हैं। सीमित सीट के चलते सरकारी कॉलेज में नामांकन नहीं हो पाता है, उन्हें प्राईवेट डिग्री कॉलेज में नामांकन कराना पड़ता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है। अब सरकारी नए डिग्री कॉलेज खुलने से इन बच्चों की परेशानी कम हो जाएगी।
जमीन चिन्हित व अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिग्री कॉलेज खुलेगा। इसका उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षा के ढांचे को सशक्त बनाना और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द जिले में अररिया व फारबिसगंज मिलाकर सात सरकारी डिग्री कॉलेज होंगे।
अररिया में केवल दो सरकारी कॉलेज:
अररिया कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. मु. रउफ अनवर बताते हैं कि वर्तमान में अररिया जिला में केवल दो अंगीभूत कॉलेज अररिया कॉलेज अररिया और फारबिसगंज कॉलेज फारबिसगंज है।
इसके अलावा, आधा दर्जन से अधिक वित्तरहित कॉलेज हैं। जिसमें रानीगंज में कलावती डिग्री कॉलेज, एसएनवी डिग्री कॉलेज, एमएलडीपीके डिग्री कॉलेज अररिया, अलशम्स मिल्लिया डिग्री कॉलेज अररिया के अलावा कुर्साकांटा आदि में वित्तरहित डिग्री कॉलेज है।
उन्होंने कहा कि शेष प्रखंड में भी सरकारी कॉलेज होनी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को उच्च शिक्षा पाने में आसानी होगी। बताया कि केवल अररिया कॉलेज में पीजी की पढ़ाई होती है। यहां 17 विषयों में पीजी की पढ़ाई होती है।
जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं था, उसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके लिए हरी झंडी मिल गई है। अब संबंधित प्रखंडों में जमीन चिह्नित करने सहित अन्य प्रक्रिया शुरू होगी। - संजय कुमार, डीईओ अररिया
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