सीएए, एनआरसी व एनपीआर के खिलाफ अररिया में उमड़ा जनसैलाब

गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर

लोकतंत्र विरोधी कानून के वापस नहीं किए जाने तक जारी रहेगा आंदोलन

केंद्र सरकार देश के आपसी प्रेम व सछ्वाव को खत्म करना चाहती है

हम हैं भारत के सौजन्य से हुआ जनसभा का आयोजन

फोटो नंबर 01 से 03 तक

कैप्शन:

संसू., अररिया: सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को आजाद एकेडमी अररिया के मैदान में इस कानून के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन व जनसभा का आयोजन हुआ। जिसमें सिर्फ अररिया जिला ही नहीं पूरे सीमांचल से लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हम हैं भारत के बैनर के तहत इस विरोध प्रदर्शन और जनसभा में राष्ट्रीय स्तर के वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता विधायक जिग्नेश मेवाणी, लदीदा फरजाना, प्रियंका भारती, चंदा यादव, मनोज भारती और देव देसाई आदि ने विशाल जनसभा को संबोधित किया। मौके पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। लोगों को संबोधित करते हुए जिग्नेश मेवानी ने कहा की हर मोर्चे पर फेल हो चुकी मोदी सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए देश में काला कानून लागू करने की बात कर रही है। यह पूरी तरह से असंवैधानिक कानून है जो देश की जनता पर जबर्दस्ती थोपा जा रहा है। भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में तानाशाही तरीके से लोगों के जज्बात से खेल कर रही है केंद्र की मोदी और अमित साह की सरकार। ऐसा लगता है भारत के यही दोनों नागरिक हैं बाकी सब घुसपैठिये लोग है। लदीदा फरजाना ने कहा आज पूरे देश में हिदू मुस्लिम के बीच नफरत का माहौल बनाया जा रहा है। देश से आपसी प्रेम और भाइचारगी को खत्म करना चाहती है सरकार। इन्होंने कहा ये काला कानून देश को तोड़ने वाला कानून है। सत्ता के नशे में चूर केंद्र की सरकार गंगा जमुनी तहजीब को समाप्त करना चाहती है। मौके पर अपने संबोधन में प्रियंका भारती चंदा यादव और देब देसाई ने भी कहा की केंद्र सरकार लोकतंत्र की हत्या करने में लगी है। ऐसा लगता ही नही है की भारत में लोकतंत्र है।हिटलर शाही चरम पर है। पूरे देश में आज वित्तीय अराजकता की स्थिति है। गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है लेकिन मोदी सरकार हिदू मुस्लिम, भारत पाकिस्तान करने में लगी है। आज पूरे देश में लोग अफरा तफरी के माहौल में हैं। सभी वक्ता ने कहा की जबतक केंद्र सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी निरंतर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा ।आज इस काले कानून का विरोध करने वाले छात्रों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। जामिया, जेएनयू और अलीगढ़ में छात्रों के साथ सरकार ने जो दंडात्माक रवैया अपनाया है वो खेद जनक है। मौके पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठन से जुड़े लोग मौजूद थे। विशाल जनसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जिसमें महिलाओं की उपस्थिति भी काफी बेहतर थी। वहीं स्कूली बच्चों द्वारा कार्यक्रम उद्घाटन के अवसर पर हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति गीत पेश किया। मैदान में अधिकांश लोगों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। इस अवसर पर मो. मोहसिन जाहिद अनवर, सैयद मोजम्मिल जमाल, अफान अहमद कामिल, शाद अहमद बबलू, शम्स मुर्शिद रजा, कन्हैया कुमार दास, सिबतैन अहमद, मोअज्जम आलम, हैदर यासीन, दीपक दास, सत्येंद्र नाथ शरण आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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