आशाल कार्यक्रम में 64 स्कूलों ने की लापरवाही: पोर्टल पर नहीं किया लॉगिन, अररिया में DPO ने थमाया शोकॉज
अररिया जिले के 64 सरकारी विद्यालयों ने खेल प्रतिभाओं को निखारने वाले आशाल-2026 पोर्टल पर अब तक लॉगिन नहीं किया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
64 अररिया स्कूलों ने आशाल-2026 पोर्टल पर नहीं किया लॉगिन।
डीपीओ समग्र शिक्षा ने प्रधानाध्यापकों से मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी।
छात्रों का पंजीकरण 9 नवंबर तक पूरा करने का सख्त निर्देश।
जागरण संवादाता, अररिया। सरकारी विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं को निखारने और छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए संचालित आशाल-2026 कार्यक्रम में जिले के 64 विद्यालयों की लापरवाही सामने आई है।
इन विद्यालयों ने अब तक आशाल पोर्टल पर लॉगिन तक नहीं किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीओ समग्र शिक्षा प्रवीण कुमार ने संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों से जवाब तलब किया है।
डीपीओ ने कहा कि जिले के सभी मध्य एवं उच्च विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का आशाल पोर्टल पर लॉगिन कर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
बावजूद 64 विद्यालयों ने अबतक इस दिशा में पहल पहल नहीं की है। सबसे अधिक 12 विद्यालय कुर्साकांटा प्रखंड के हैं। फारबिसगंज के 10, सिकटी के 10, जोकीहाट के नौ, नरपतगंज के सात, भरगामा के पांच और पलासी के 11 विद्यालयों ने पोर्टल पर लॉगिन नहीं किया है।
रिपोर्ट में संबंधित विद्यालयों के सामने लॉगिन और सक्रिय स्थिति में 'नहीं' दर्ज है। पंजीकृत विद्यार्थियों और बैटरी टेस्ट की संख्या भी शून्य बताई गई है।
प्रतियोगिता पूरी करने और सीआरसी में स्थानांतरण की स्थिति भी लंबित है। डीपीओ ने सभी संबंधित विद्यालयों को नौ नवंबर तक पोर्टल पर लॉगिन कर छात्र-छात्राओं का पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।