अररिया। फारबिसगंज रामपुर दक्षिण पंचायत की 20 हजार की आबादी अब तक स्वास्थ्य सेवा से महरूम है। स्वास्थ्य सेवा व बीमारी से परेशान लोग अनुमंडल अस्पताल पर निर्भर है। वर्ष 2012 में सरकार के द्वारा बनाया गया अ‌र्द्ध निर्मित भवन अब खंडहर हो चुका है लेकिन अब तक उप स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं हो पाया है। 10 साल में भी उप स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं होने से स्थानीय पंचायत के लोगों में काफी आक्रोश है। पंचायत के लोग सरकार की शिथिल चाल से परेशान हैं। मामले में पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि डा. तोफिक अमानुल्लाह ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर उनके द्वारा वर्ष 2011 में राज्यपाल को भूमि दान दी गई थी। भूमि का राज्यपाल के नाम से रजिस्ट्री भी किया गया है। जिसके बाद वर्ष 2012 में भवन निर्माण विभाग के द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र की भवन का निर्माण शुरू किया गया लेकिन निर्माण कार्य को आधा अधूरा छोड़ दिया गया और सरकारी सिस्टम के अनुसार निर्माण कार्य के रुपये भी बंदरबांट कर लिए गए। मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर उनके द्वारा कई बार पंचायत समिति की बैठक में प्रस्ताव के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व अन्य स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की गई लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होना और उप स्वास्थ्य केंद्र शुरू नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि 20 हजार की आबादी की इस पंचायत में लोगों की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एकमात्र उप स्वास्थ्य केंद्र ही सहारा बनता, लेकिन अब लोग किसी भी परेशानी होने पर अनुमंडल अस्पताल की ओर दौड़ते हैं। वही जनाधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष व विधानसभा प्रत्याशी अखलाकुउर रहमान उर्फ हाबिल ने कहा कि 20 की आबादी वाले इस पंचायत में अब तक उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी विडंबना यह है कि भवन निर्माण कार्य को भी पूरा नहीं किया गया और सरकारी रुपये की बंदरबांट हो गई। उन्होंने कहा कि जनाधिकार पार्टी पूरे जिले में सरकार की स्वास्थ्य सेवा की पोल खोलते हुए आंदोलन करेगी। कोट उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए बना भवन जर्जर है और वह पूरा नहीं हो सका है। जिसके कारण वहां उप स्वास्थ्य केंद्र अब तक शुरू नहीं हो सका है वरीय पदाधिकारी को इसके बारे में पूर्व में सूचित किया गया है। -डॉ. राजीव कुमार बसाक,

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

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