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Google की रोबोटैक्सी पर अमेरिका में मचा बवाल, क्या इस चीनी कार में छिपा है कोई बड़ा खतरा?

Published: Thu, 22 Oct 2026 09:32 AM (IST)

Google की Waymo चीन से इलेक्ट्रिक वैन मंगाकर अमेरिका में अपनी ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा का विस्तार कर रही है, जिस पर अमेरिकी नेताओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं।

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। Google मूल कंपनी अल्फाबेट की रोबोटैक्सी कंपनी Waymo अमेरिका से अपनी ड्राइवर लेस टैक्सी सर्विस को बढ़ाने के लिए चीन से इलेक्ट्रिक वैन मंगा रही है। ये वैन चीन की कंपनी गीली होल्डिंग ग्रुप के ब्रांड Zeekr द्वारा बनाई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Waymo साल 2026 के अंतर कर लगभग 5,100 गाड़ियां एक्सपोर्ट कर सकती है

अमेरिकी नेताओं की आपत्ति

अमेरिकी नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों को इस बात की चिंता है कि ये गाड़ियां चीन में बनी हैं और अमेरिका सड़कों पर कैमरे, सेंसर और ऑटोमैटिक सिस्टम का इस्तेमाल करेंगी। इसपर Waymo का साफ कहना है कि गाड़ियों में कोई भी चीनी कनेक्टेड-कार तकनीक नहीं लगाई गई है और इनमें सॉफ्टवेयर और सेंसर अमेरिका के एरिजोना शहर में ही फिट किए जाते हैं।

बदला नाम

Waymo ने Zeekr का नाम बदलकर Ojai रख दिया है। ये वैन पहले से ही लॉस एंजिल्स, San Frasisco और PHOENIX में चल रही है और कंपनी बाकी शहरों में भी इसका इस्तेमाल बढ़ा रही है। कंपनी का कहना है कि वह सिर्फ फिजिकल व्हीकल इंपोर्ट करती और अपनी एरिजोना सुविधा में अमेरिकी तौर पर विकसित ऑटोनोमस ड्रइविंग इक्विपमेंट्स स्थापित करती है।

नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन की पूर्व सलाहकार Missy Cummings का कहना है कि यह जांचने के लिए कि इन गाड़ियों में कौन से पुर्जे लगे हैं, इनका पूरी तरह से निरीक्षण किया जाना बहुत जरूरी है।

कमिंग्स की चिंता

Cummings ने कहा है कि यह बात सच है या नहीं, यह जानने के लिए मुझे खुद गाड़ी के अंदर जाकर उसकी जांच करनी होगी। यह पूरी तरह संभव है कि चीन ने इसमें ऐसे सेंसर लगा दिए हों जो डेटा रिकॉर्ड करने वापस चीन भेज रहे हों। Waymo ने इस चिंता को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी गाड़ियों की सिक्योरिटी टेस्टिंग की जाती है।

साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा है कि वह Zeekr को पैसेंजर्स की जानकारी, गाड़ियों की टेलीमेट्रीं, सोर्स कोड या अपनी ऑटोनोमस ड्राइविंग द्वारा कलेक्ट किया गया डेटा नहीं देती है।

अमेरिकी नियम

US Commerce Department के नियमों के मुताबिक साल 2027 से चीन और रूस का सॉफ्टवेयर गाड़ियों में इस्तेमाल करने पर रोक है और साल 2030 से ऐसे हार्डवेयर पर भी रोक लग जाएगी। Waymo का कहना है कि, उनकी गाड़ियां इन नियमों का पूरा पालन करती हैं क्योंकि वे चीन से बिना किसी बैन की गई तकनीक की गाड़ियां मंगाते हैं।

अमेरिका की संसद में एक नया प्रस्ताव आया है जिसके पास होने के बाद चीन में बनी किसी भी गाड़ी को देश में नहीं आने दिया जाएगा चाहे उसमें अमेरिका का सॉफ्टवेयर ही क्यों न डाला गया हो।

नया बिल और चेतावनी

सीनेचन बर्नी मोरेनो और एलिसा स्लोटकिन ने मिलकर कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट 2026 नाम का बिल पेश किया है। House China Select Committee के चेयरमैन John Moolenaar का कहना है कि गाड़ियों में छिपा हुआ मैलवेयर कबी भी हजारों गाड़ियों को अचानक से बंद कर सकता है या फिर उन्हें खतरनाक हथियार की तरह इस्तेमाल करवा सकता है।

3 साल का समय

अगर यह नया बिल पास हुआ तो Waymo को चीन से लाई गई गाड़ियों को हटाने के लिए 3 साल का समय लगेगा यानी, 2030 तक नियम को पूरी तरह मानना होगा। हालांकि, यह बिल कमेटी से पास हो गया था लेकिन नवंबर के चुनावों की वजह से इस पर आगे की चर्चा रोक दी गई थी।

नियमों का पालन

Waymo का कहना है कि यह विदेशी कनेक्टेड-कार तकनीक पर लगने वाले बैन का समर्थन करती है और सरकारी नियमों का पूरा पालन करने के लिए जरूरी कदम उठाती है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि वे जिस भी गाड़ी का इस्तेमाल करता है तो पहले यह पक्का करती है कि वह सरकार के कनेक्टेड व्हीकल नियमों के हिसाब से ही हो।

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि वह किसी भी पैसेंजर की पर्सनल जानकारी, गाड़ी की टेक्निकल रिपोर्ट या अपने ऑटोमैटिक ड्राइविंग सिस्टम से इकट्ठा किए गए डेटा गाड़ी बनाने वाली कंपनी के साथ शेयर नहीं करती है।

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