नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। एंबेसडर गाड़ी के बारे में भला कौन नहीं जानता, एक समय ऐसा भी था जब प्रधानमंत्री से लेकर डीएम, एसडीएम तक इस गाड़ी की सवारी करते थे। हालांकि, साल 2014 में इसका प्रोडक्शन बंद हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एंबेसडर बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स कथित तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में प्रवेश करके वापसी करने की योजना बना रही है।

ऑटो इंड्स्ट्री इस समय एक क्रांति के दौर से गुजर रहा है, जिसमें अधिकांश प्रमुख कंपनियां इलेक्ट्रिक सेगमेंट में प्रवेश करने की योजना बना रही हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अभी भी एक प्रारंभिक चरण में है, एंबेसडर निर्माता हिंदुस्तान मोटर्स कथित तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ भारत में वापसी करना चाह रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की पहली कार निर्माता, हिंदुस्तान मोटर्स, ईवी उद्योग की एक यूरोपीय ऑटो कंपनी के साथ एक संयुक्त उद्यम (जेवी) में प्रवेश करके अपने व्यवसाय को पुनर्जीवित करना चाह रही है। हिंदुस्तान मोटर्स ने यूरोपीय ईवी निर्माता के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रतिष्ठित एंबेसडर कार का निर्माण हिंदुस्तान मोटर्स द्वारा किया गया था, जिसने 1958 में उत्पादन शुरू किया था बाद में लगभग 50 साल बाद 2014 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया गया था।

दोनों निर्माता वर्तमान में इक्विटी संरचना पर चर्चा कर रहे हैं। मौजूदा प्रस्तावित ढांचे में, हिंदुस्तान मोटर्स की 51% हिस्सेदारी होगी और यूरोपीय ब्रांड के पास शेष 49% हिस्सेदारी होगी।

सिर्फ इलेक्ट्रिक कार ही नहीं, दोनों ज्वाइंट वेंचर का फोकस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर है। दरअसल, कंपनी की ओर से पहला प्रोडक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर होगा। इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक को खरीदारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की बिक्री लगातार बढ़ रही है।

एंबेसडर 1960 से 1990 के दशक के मध्य तक भारत में एक स्टेटस सिंबल था, और यह बाजार में बड़े पैमाने पर निर्मित इकलौती लग्जरी कार थी। कंपनी ने 2013-14 में  इस गाड़ी के उत्पादन को रोक दिया गया था, तब वार्षिक बिक्री 1980 के दशक के मध्य में 20,000 से अधिक इकाइयों से घटकर 2,000 इकाइयों से कम हो गई थी।

Edited By: Atul Yadav