Suzuki की नई तकनीक से Maruti कारों में आएगा बड़ा बदलाव, मिलेगा बेहतर माइलेज और परफॉर्मेंस
Suzuki New Engine: सुजुकी अपनी आने वाली तकनीकों के तहत मिनी और कॉम्पैक्ट कारों के लिए नए हाइब्रिड सिस्टम और ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। Suzuki की नई तकनीक से जुड़ी घोषणाओं का Maruti Sukuki की भारतीय लाइनइप पर बड़ा असर हो सकता है। यह बदलाव एंट्री-लेवल हैचबैक कारों से लेकर बड़ी फैमिली SUV तक में देखने को मिल सकता है। कंपनी मिनी गाड़ियों के लिए 48V हाइब्रिड सिस्टम विकसित कर रही है। कॉम्पैक्ट कारों के लिए सीरीज हाइब्रिड और प्लग-इन रेंज एक्सटेंडर तकनीक तैयार की जा रही है। इसके अलावा, कंपनी भारत जैसै बाजारों के लिए नया टर्बो-पेट्रोल इंजन बना रही है।
क्या है इसका फायदा?
भारतीय ग्राहकों के लिए ये प्रोग्राम दो अलग-अलग जरूरतों को पूरा कर सकते हैं- किफायती कारों में बेहतर माइलेज और बड़ी गाड़ियों में बेहतर परफॉर्मेंस। Suzuki ने इन तकनीकों की रूपरेखा तैयार कर ली है जबकि व्यक्तिगत मारुति मॉडल में इनका इस्तेमाल किया जाना अभी बाकी है।
हाइब्रिड सिस्टम
Suzuki का प्रस्तावित 48V P2 हाइब्रिड सिस्टम गाड़ियों के लिए है जिसका मकसद कम कीमत और रोजाना के इस्तेमाल से समझौता किए बिना माइलेज और पिकअप को बेहतर बनाना है। Maruti Suzuki के Alto और S-Presso मिनी सेगमेंट में आते हैं। इससे इस अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में छोटी और सस्ती कारों में भी हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा सकता है।
सीरीज-हाइब्रिड सिस्टम
कॉम्पैक्ट कारों के लिए Suzuki एक सीरीज-हाइब्रिड सिस्टम तैयार कर रही है। इसमें पेट्रोल इंजन बिजली जनरेट करता है जबकि एक इलेक्ट्रिक मोटर पहियों को चलाती है। इससे खरीदारों को बिना किसी बाहरी चार्जिंग के पेट्रोल भरवाने की सुविधा मिलती रहेगी। Swift, Dzire और Baleno जैसे मॉडल इस तकनीक के लिए अच्छे उदाहरण हैं।
तकनीक और बैटरी
कंपनी सीरीज हाइब्रिड को REEV लाइट में बदलने की योजना बना रही है जिसमें बाहरी चार्जिंग की सुविधा और सही आकार की बैटरी जोड़ी जाएगी। इससे गाड़ी मालिक इलेक्ट्रिक ड्राइविंग के लिए गाड़ी को चार्ज कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर बिजली जनरेट करने वाला इंजन भी साथ रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Suzuki बड़ी बैटरी से बचना चाहती है जिससे गाड़ी का वजन और कीमत कंट्रोल रखने में मदद मिले।
