अब हाइड्रोजन से चलेगी आपकी पसंदीदा Suzuki Swift, नई तकनीक को किया गया पेश
Maruti Swift Hydrogen: मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय कार स्विफ्ट को नए हाइड्रोजन इंजन के साथ पेश किया है। यह ...और पढ़ें

HighLights
सुजुकी स्विफ्ट का हाइड्रोजन इंजन प्रोटोटाइप पेश।
AVL और सुजुकी ने नई तकनीक विकसित की।
सीधे हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में जलाएगा।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। Suzuki Swift दुनिया की सबसे मशहूर हैचबैक कारों में से एक है। भारत में भी Maruti Suzuki Swift हर तरह की कारों के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। अपने सफर में Swift कई तरह के इंजन के साथ आई है। अलग-अलग बाजारों के हिसाब से इसमें पेट्रोल, टर्बो पेट्रोल, डीजल, माइल्ड हाइब्रिड और CNG जैसे विकल्प मिलते रहते हैं। अब हाइड्रोजन इंजन वाली Swift को दुनिया के सामने पेश किया गया है।
हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियां
Hydrogen से चलने वाली गाड़ियां काफी समय से मौजूद हैं। ये गाड़ियां हाइड्रोजन फ्यूल सेल का इस्तेमाल करती है जो टैंक में भी डाइड्रोजन को बिजली में बिजली में बदल देता है। यह बिजली बैटरी में जमा होती है और मोटर चलाती है जिससे कार आगे बढ़ती है। इस तकनीक में कार से धुएं की जगह सिर्फ पानी निकलता है।
नई तकनीक और सफलता
अब तकनीक में काफी सुधार हुआ है। अब डाइड्रोजन को बिजली में बदलने के बजाय सीधे फ्यूल की तरह जलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। मोबिलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी AVL और Suzuki Motor Corporation ने हाइड्रोजन इंजन के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। वे 2026 के वियना मोटर सिम्पोजियन में अपनी इस नई और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाइड्रोजन DI टेक्नोलॉजी
Suzuki Sift का इस्तेमाल नई तकनीक को दिखाने के लिए किया गया है। इसमें एक प्रोटोटाइप हाइड्रोजन इंजन लगा है जिसे हाइड्रोजन DI टेक्नोलॉजी कहा जाता है। इस इंजन की बड़ी खूबी यह है कि यह लीन और स्टोइकियोमेट्रिक दोनों ही मोड पर चल सकता है। इसमें कूल्ड EGR का इस्तेमाल किया गया है जो कंबशन को कंट्रोल करने में मदद करता है।
आमतौर पर हाइड्रोजन इंजन लीन मोड पर ही चलते हैं लेकिन AVL और Suzuki की यह नई तकनीक दोनों मोड के लिए सेट की गई है।
इंजन की बनावट
AVL का यह सिस्टम Suzuki के 1.4 लीटर, 4-सिलिंडर वाले हाइड्रोजन इंजन पर लगाया गया है। यह तकनीक ग्राहकों के लिए कई बड़े फायदे लेकर आई है। इस नए सिस्टम की खूबियों की बात करें तो- हाइड्रोजन के कंबशन से इंजन को ज्यादा पावर मिलती है। यह इंजन लीन और Lambda=1 दोनों मोड पर मजबूती और स्थिरता के साथ चलता है। इसमें इनटेक एंड चार्ज एयर सिस्टम बहुत ही दमदार है।
इथेनॉल को लेकर चुनौती
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्रीन फ्यूल के इस्तेमाल पर काफी जोर दे रहे हैं। फिलहल सरकार का ध्यान इलेक्ट्रिक गाड़ियों, हाइब्रिड गाड़ियों और घरेलू ईंधन में इथेनॉल की मात्रा 85% तक बढ़ाने पर है। ईंधन में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात में तो कमी आएगी लेकिन ऑटोमोबाइल के विशेषज्ञ और कार लवर्स ने इसे लेकर चिंताएं जाहिर की हैं।
