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सिंगल-सिलेंडर vs ट्विन-सिलेंडर CNG कारें: Tata, Hyundai और Maruti ने कैसे दूर की बूट स्पेस की समस्या?

Published: Sun, 08 Nov 2026 12:00 PM (IST)

Tata और Hyundai ट्विन-सिलेंडर से बूट स्पेस बचाते हैं, जबकि Maruti अंडरबॉडी टैंक से लगेज रखने की जगह बढ़ाती है।

Single Cylinder vs Twin Cylinder CNG Cars

Single Cylinder vs Twin Cylinder CNG Cars

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। CNG कारों में सबसे बड़ी समस्या बूट स्पेस की रहती है। पुराने सेटअप में बूट में बड़ा स्टील सिलेंडर लगाया जाता था, जिससे बड़े सूटकेस रखना मुश्किल हो जाता था। इस समस्या का सामाधान अब Tata Motors, Hyundai और Maruti Suzuki ने अपने तरीके से निकाला है। इसके साथ ही उन्होंने CNG किट के साथ ही बूट स्पेस की समस्या का सामाधान कर दिया है। आइए विस्तार में जानते हैं कि CNG किट के साथ ही बूट स्पेस की समस्या का सामाधान इन कंपनियों ने किस तरह से किया है?

पारंपरिक सिंगल-सिलेंडर की परेशानी

पुराने फैक्ट्री-फिटेड CNG सिस्टम में 55 से 60 लीटर पानी-समतुल्य क्षमता वाला स्टील टैंक होता है। गैस करीब 200 बार दबाव पर रहती है, इसलिए टैंक मोटा और बड़ा होता है। इसका व्यास आमतौर पर 300 से 350 mm होता है। छोटी कारों में इसे पीछे की सीट के पीछे बूट फ्लोर पर लगाया जाता था। इससे 260 से 300 लीटर का बूट 100 लीटर से भी कम रह सकता था। सामान रखना और नीचे फंसे स्पेयर व्हील को निकालना मुश्किल होता था। भरे हुए 60 लीटर टैंक का वजन करीब 45 से 55 किलोग्राम होता है।

भारत में सिंगल-सिलेंडर और ट्विन-सिलेंडर CNG कारों की तुलना

कार मॉडल

टैंक तकनीक

उपयोगी बूट स्पेस

स्पेयर व्हील की जगह

शुरुआती कीमत (एक्स-शोरूम)

Tata Punch Smart CNG

ट्विन-सिलेंडर (2×30 लीटर)

210 लीटर

अंडरबॉडी क्रैडल

₹6.85 लाख

Hyundai Exter CNG MT HX2

Hy-CNG Duo (ट्विन-सिलेंडर)

225 लीटर

पंचर रिपेयर किट (स्पेयर व्हील नहीं)

₹7.00 लाख

Tata Altroz Smart CNG

ट्विन-सिलेंडर (2×30 लीटर)

210 लीटर

अंडरबॉडी क्रैडल

₹7.30 लाख

Hyundai Grand i10 Nios CNG MT Magna CNG

Hy-CNG Duo (ट्विन-सिलेंडर)

260 लीटर

पंचर रिपेयर किट (स्पेयर व्हील नहीं)

₹7.32 लाख

Maruti Suzuki Fronx Sigma CNG

सिंगल सिलेंडर (1×55 लीटर)

लगभग 120 लीटर (असमान जगह)

बूट के फर्श पर (टैंक के नीचे दबा हुआ)

₹7.94 लाख

Maruti Suzuki Dzire VXI CNG

सिंगल सिलेंडर (1×55 लीटर)

लगभग 140 लीटर (असमान जगह)

बूट के फर्श पर (टैंक के नीचे दबा हुआ)

₹8.18 लाख

Tata Nexon Smart CNG

ट्विन-सिलेंडर (2×30 लीटर)

321 लीटर

अंडरबॉडी क्रैडल

₹8.35 लाख

Maruti Suzuki Victoris LXI CNG MT

सिंगल अंडरबॉडी सिलेंडर (1×55 लीटर)

320 लीटर

पंचर किट स्टैंडर्ड (बूट में स्पेयर व्हील कैरियर वैकल्पिक)

₹11.55 लाख

Tata Motors की ट्विन-सिलेंडर iCNG तकनीक

Tata Motors ने 2023 में Altroz के साथ ड्यूल-सिलेंडर iCNG तकनीक पेश की, जिसे बाद में Tiago, Punch और Nexon में भी दिया गया। एक बड़े 60 लीटर टैंक की जगह इसमें लगभग 30-30 लीटर क्षमता वाले दो छोटे सिलेंडर लगाए जाते हैं। ये स्पेयर व्हील के पुराने स्थान पर, फर्श के नीचे फिट होते हैं। इन्हें स्टील क्रैडल में रखकर ऊपर सपाट बोर्ड लगाया जाता है, जिससे बूट सामान्य कार जैसा रहता है।

Tata कारों में स्पेयर व्हील कहां गया?

Tata के Tiago, Altroz, Punch और Nexon iCNG मॉडल में स्पेयर व्हील पीछे की चेसिस के नीचे रखा जाता है। इसे निकालने के लिए बूट के निचले हिस्से में मौजूद विन्च बोल्ट को जैक हैंडल से घुमाना पड़ता है। इस तरह स्पेयर व्हील की सुविधा मिलती है।

Hyundai Hy-CNG Duo से कितना बूट स्पेस?

Hyundai अपने ट्विन-सिलेंडर सिस्टम को Hy-CNG Duo कहती है। यह Exter और Grand i10 Nios में मिलता है। दोनों छोटे सिलेंडर फ्लोरबोर्ड के नीचे लगाए जाते हैं। Grand i10 Nios Hy-CNG Duo में 260 लीटर और Exter CNG में 225 लीटर उपयोगी बूट स्पेस मिलता है। दोनों कारों में स्पेयर व्हील की जगह 12V टायर इन्फ्लेटर और पंचर रिपेयर किट दी जाती है।

Maruti Suzuki का सिंगल-सिलेंडर समाधान

Maruti Suzuki ने Dzire और Fronx में 55 लीटर का सिंगल टैंक बूट में स्पेयर व्हील के ऊपर लगाया है। इससे कीमत और माइलेज को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन फर्श असमान रहता है और स्पेयर टायर तक पहुंचना कठिन है। Victoris में कंपनी ने 55 लीटर का सिंगल सिलेंडर अंडरबॉडी में लगाया है। इससे ऊपर 320 लीटर का सपाट लगेज एरिया मिलता है। इसमें स्पेयर व्हील के बजाय टायर मोबिलिटी किट दी जाती है।

ट्विन-सिलेंडर सिस्टम कितने सुरक्षित?

इन सिस्टम को भारत के AIS और PESO सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है। दोनों सिलेंडर हाई-प्रेशर स्टेनलेस स्टील पाइप से जुड़े रहते हैं और एक NGV1 नोजल से गैस भरी जाती है। हर टैंक में अलग इलेक्ट्रॉनिक शट-ऑफ वाल्व होता है, जो दबाव में गिरावट या पाइप टूटने पर गैस सप्लाई रोक सकता है। आग लगने पर थर्मल प्रेशर रिलीफ डिवाइस गैस को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालते हैं। फ्यूल फ्लैप खुला होने पर माइक्रो-स्विच स्टार्टर मोटर को निष्क्रिय कर देता है।

हाइड्रो-टेस्टिंग का खर्च

CNG सिलेंडर की हाइड्रो-टेस्टिंग हर तीन साल में करानी होती है। ट्विन-सिलेंडर कार में दोनों टैंकों की जांच जरूरी है। तीसरे साल में मेंटेनेंस खर्च करीब 1,500 से 2,000 रुपये बढ़ सकता है।

कौन-सा CNG सेटअप चुनना बेहतर?

छोटी दूरी और सीमित सामान के लिए Dzire या Fronx जैसा सिंगल-सिलेंडर विकल्प उपयोगी हो सकता है। परिवार के साथ यात्रा और बड़े सूटकेस रखने के लिए Tata या Hyundai का ट्विन-सिलेंडर सेटअप बेहतर है। Grand i10 Nios में 260 लीटर बूट स्पेस मिलता है, जबकि Punch और Exter में लगेज एरिया के साथ ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। ज्यादा बूट स्पेस और टर्बोचार्ज्ड इंजन चाहने वालों के लिए Nexon iCNG में 321 लीटर का बूट है।

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