नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली ग्लोबल मोबिलिटी समिट 'Move' का उद्घाटन करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर चलने वाली गाड़ियों के इस्तेमाल और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भारत में जल्द एक नई पॉलिसी लाई जाएगी। पीएम के मुताबिक क्लाइमेट चेंज की लड़ाई के लिए सबसे शक्तिशाली हथियार क्लीन एनर्जी पर आधारित क्लीन मोबिलीटी है। भारत जो कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता अपना आयात बिल करने की कोशिश कर रहा है।

मोदी का मोबिलिटी पर 7C विजन

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में मोबिलिटी के भविष्य के लिए मेरा विजन 7C यानी कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनिएंट, कंजेशन-फ्री, चार्ज्ड, क्लीन और कटिंग-एज पर आधारित है। भारत के साथ हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, जिसके चलते हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं। हमारे शहर और कस्बें भी बढ़ रहे हैं और करीब 100 स्मार्ट शहरों का निर्माण कर रहे हैं। मोबिलिटी इकोनॉमी का प्रमुख ड्राइवर है।

बेहतर मोबिलिटी बढ़ाएगा रोजगार

मोदी ने कहा कि हमारा देश इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग, बैट्रीज और स्मार्ट चार्जिंग में निवेश को बढ़ावा देना चाहता है, ताकि मोबिलिटी रोजगार के बेहतर अवसर, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और अच्छी जीवनशैली उपलब्ध हो सके।

मोबिलिटी क्षेत्र में बदलाव से निकलेंगे अधिक रोजगार

इससे पहले, सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि भारत को मोबिलिटी के लिए एक एकीकृत सम्मिलित नीति रूपरेखा बनाने की जरूरत है। मोबिलिटी क्षेत्र में आने वाले बदलावों की वजह से भारत अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेगा और देश के नागरिकों के जीवन को सुगम बना सकेगा। वहीं नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कान्त ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य मकसद भारत में लोगों के यात्रा करने के तरीके में बड़ा बदलाव लाना है। 

Posted By: Ankit Dubey