नई दिल्ली, आइएएनएस। दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का वित्तवर्ष 22 की तीसरी तिमाही का नेट प्रोफिट साल-दर-साल आधार पर 47 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 1,011.3 करोड़ रुपये हो गई है, जो वित्तवर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 1,941.4 करोड़ रुपये था। कंपनी का कहना है कि इस गिरावट के पीछे सेमी कंडक्टर की कमी और वाहन निर्माण में लगने वाली लागत की कीमतों में बढ़ोतरी का हाथ है।  

बिक्री दर में आई कमी

मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री दर में गिरावरट दर्ज की गई है, क्योंकि कंपनी की नेट बिक्री वित्तवर्ष 22 की तीसरी तिमाही 22,236.7 करोड़ रुपये से गिरकर 22,187.6 करोड़ रुपये हो गई है, जिसकी वजह से कंपनी को हानि का सामना करना पड़ रहा है।

कंपनी का बयान

ऑटो प्रमुख ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान कुल 430,668 यूनिट्स वाहनों की बिक्री की,  जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 495,897 इकाइयों से कम है। सेमीकंडक्टर की वैश्विक स्तर पर कमी होने के कारण न केवल कंपनी बल्कि उद्योग को काफी घाटा हुआ है। जिसके कारण अनुमानित 90,000 इकाइयों का उत्पादन नहीं किया जा सका।

घरेलू बाजार की बिक्री

घरेलू बाजार की बिक्री की बात करें तो, कंपनी ने इस तिमाही में 365,673 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि वित्तवर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 467,369 यूनिट्स बेचे गए थे।

वाहनों की डिमांड बरकरार

कंपनी के अनुसार वाहनों की मांग में कोई कमी नहीं थी, क्योंकि तिमाही के अंत में कंपनी के पास 240,000 से अधिक ग्राहकों के ऑर्डर वेटिंग पीरियड में थे। हालांकि, अभी भी अप्रत्याशित है, इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कंपनी चौथी तिमाही में उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद कर रही है।

इसके अलावा, समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी ने वित्तवर्ष 21 की तीसरी तिमाही में 28,528 यूनिट्स की तुलना में 64,995 इकाइयों का अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया। यह किसी भी तीसरी तिमाही में पिछले शिखर निर्यात की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक था।

Edited By: Atul Yadav