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क्या सही में E20 पेट्रोल में 31.2% एथेनॉल की मिलावट? तेल कंपनियों ने दिया जवाब, कर्नाटक सरकार के दावे को नकारा

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:00 PM (IST)

कर्नाटक सरकार के 31.2 फीसदी एथेनॉल दावे को IOCL, BPCL और HPCL ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नकारा।

E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच विवाद गहराया

E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर कर्नाटक सरकार और तेल कंपनियों के बीच विवाद गहराया

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। E20 पेट्रोल में 30 फीसदी तक एथेनॉल मिलाए जाने के दावे पर विवाद गहरा गया है। कर्नाटक सरकार ने राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों से लिए गए नमूनों की जांच के आधार पर पेट्रोल में 26 से 31.2 फीसदी तक एथेनॉल मिलने का दावा किया है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने इन दावों को खारिज कर दिया है। कंपनियों का कहना है कि कर्नाटक सरकार ने सैंपल लेने और उनकी जांच करने में निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। वहीं, कंपनियों की तरफ से की गई टेस्टिंग में एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 फीसदी के बीच पाई गई है।

E20 पेट्रोल में 30 फीसदी एथेनॉल मिलने के दावे पर विवाद

कर्नाटक सरकार ने दावा किया है कि राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर निर्धारित 20 फीसदी सीमा से अधिक एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल बेचा जा रहा है। सरकार के मुताबिक, कुछ नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी तक दर्ज की गई। इस दावे के सामने आने के बाद पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा और उसकी जांच को लेकर सवाल उठने लगे।

कर्नाटक के इन जिलों से लिए गए थे पेट्रोल के सैंपल

कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने बताया था कि बेंगलुरु, कोलार, चिक्कबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु जिलों से पेट्रोल के नमूने लिए गए थे। सरकार का दावा था कि इन नमूनों की जांच में निर्धारित सीमा से ज्यादा एथेनॉल मिला। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने तेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

IOCL, BPCL और HPCL ने दावे को किया खारिज

कर्नाटक सरकार के आरोपों पर इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपना पक्ष रखा है। तीनों सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से किए गए लैब टेस्ट के नतीजों को सही मानने से पहले जांच की प्रक्रिया और तकनीकी मानकों को देखना जरूरी है। कंपनियों के अनुसार, कर्नाटक में उनकी तरफ से टेस्ट किए गए 56 पेट्रोल सैंपलों में एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 फीसदी के बीच रही। इन नमूनों में एथेनॉल का औसत स्तर 19.30 फीसदी दर्ज किया गया। तेल कंपनियों ने इसी आधार पर राज्य सरकार के 26 से 31.2 फीसदी एथेनॉल मिलने के दावे पर सवाल उठाए हैं।

27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 893 सैंपलों की जांच का दावा

तेल कंपनियों ने बताया कि देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 893 पेट्रोल सैंपलों की जांच की गई। कंपनियों के मुताबिक, इन सभी नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 19 से 21 फीसदी के बीच रही और जांच के नतीजे निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। कंपनियों की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक में जांचे गए 56 नमूनों का औसत 19.30 फीसदी रहा। हालांकि, कर्नाटक सरकार की जांच में सामने आए नतीजे इससे अलग हैं। यही वजह है कि दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच प्रक्रिया इस विवाद का अहम मुद्दा बन गई है।

कर्नाटक सरकार की सैंपलिंग प्रक्रिया पर उठाए सवाल

IOCL, BPCL और HPCL ने कर्नाटक सरकार की ओर से नमूने लेने और उनकी जांच करने के तरीके पर भी आपत्ति जताई है। कंपनियों का आरोप है कि अक्टूबर में सैंपल लेते समय तेल विपणन कंपनियों (OMC) के प्रतिनिधि मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, जांच के लिए जरूरी दस्तावेज और दूसरे सैंपल भी उपलब्ध नहीं कराए गए। तेल कंपनियों का कहना है कि जांच के दौरान IS 17021 में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। ऐसे में कंपनियों के मुताबिक, कर्नाटक सरकार की जांच के नतीजों को तकनीकी रूप से सही ठहराने के लिए जरूरी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए था।

तेल कंपनियों ने दोबारा टेस्ट कराने की मांग की

इस विवाद को स्पष्ट करने के लिए IOCL, BPCL और HPCL ने कर्नाटक सरकार से संयुक्त रूप से पेट्रोल के सैंपल लेने की मांग की है। कंपनियां चाहती हैं कि नए नमूनों की जांच किसी अधिकृत लैब में कराई जाए, ताकि एथेनॉल की वास्तविक मात्रा को लेकर स्थिति साफ हो सके। तेल कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया कंट्रोल और ऑटोमेटेड है। ऐसे में पेट्रोल में 30 फीसदी तक एथेनॉल मिलने के दावे की निष्पक्ष और निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार जांच जरूरी है।

E20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को लेकर क्या है स्थिति?

फिलहाल E20 पेट्रोल में 30 फीसदी तक एथेनॉल मिलने का दावा और तेल कंपनियों की ओर से इसे खारिज किया जाना, दोनों अलग-अलग जांच नतीजों पर आधारित हैं। कर्नाटक सरकार के मुताबिक, कुछ नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 31.2 फीसदी तक मिली, जबकि तेल कंपनियों का कहना है कि उनके द्वारा जांचे गए 56 नमूनों में औसत मात्रा 19.30 फीसदी रही। ऐसे में इस विवाद का स्पष्ट निष्कर्ष संयुक्त सैंपलिंग और अधिकृत लैब में दोबारा जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल तेल कंपनियों ने कर्नाटक सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नए सिरे से परीक्षण कराने की मांग की है।

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