नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे ऑटो एक्सपो 2018 के दौरान देश का सबसे बड़ा टायर वहां आए दर्शकों के लिए आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। जेके टायर ने एक्सपो मार्ट में ही पवेलियन के बाहर खुले में इस विशालकाय और वजनी टायर का प्रदर्शन किया। कंपनी का दावा है कि यह भारत का सबसे बड़ा टायर है।

सबसे बड़े इस टायर के बारे में जेके टायर के टेक्नीकल डायरेक्टर वीके मिश्रा ने कहा, "इस टायर का साइज 40-00-57 VEM045 E4 है। इसकी ऊंचाई 12 फीट की और इसकी चौड़ाई 40 इंच की है। इस टायर का वजन 3.6 टन यानी 3600 किलो है। माइनिंग डम्पर में इस टायर का इस्तेमाल किया जाता है। भारत में सबसे बड़ा डम्पर 250 टन का होता है जिसमें इन्हीं टायर का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं डम्पर का इस्तेमाल खदानों और ऐसे ही अन्य स्थानों पर खनन कार्यों और माल ढोने के लिए किया जाता है।"

उबड़-खाबड़ रास्तों में चलाने के लिए क्या इस टायर में कोई अलग मैटेरियल भी इस्तेमाल किया जाता है?

वीके मिश्रा ने कहा, टायर के बाहर जो रबड़ लगा हुआ है वह स्पेशल डिजाइन का रबड़ है। इस रबड़ की मदद से कोयले या पत्थर पर चलने ने इस टायर के कटने-फटने का डर नहीं रहता। ऑफ-रोडिंग के हिसाब से ही इस टायर को डिजाइन किया जाता है। इस टायर के अंदर जो नाइलॉन की प्लाई लगी होती हैं वह काफी सख्त होती हैं। टायर में 68 प्लाई रेटिंग दी गई है।

इस टायर में भार क्षमता उठाने की ताकत कहा से आती है?

इस टायर में जितनी ज्यादा प्लाई रेटिंग है उतनी ही भार क्षमता खींचने की ताकत होती है। यह ट्यूबलेस टायर है और 250 टन की गाड़ी को उठाने की क्षमता इस टायर में उन्हीं प्लाई से आती है और जो बाहर का रबड़ है उनसे इस टायर को जान मिलती है। यानी जितनी ज्यादा प्लाई रेटिंग उतनी ही भार क्षमता की खींचने की ताकत होती है।

इस टायर का ट्रांसपोर्टेशन कैसे करते हैं?

वीके मिश्रा ने बताया कि इस टायर को 65 टन की क्रेन से उठाया जाता है। इसका ट्रांसपोर्टेशन ट्रक के जरिए होता है। ट्रक का वजन अगर 12 टन है तो उस ट्रक में सिर्फ 4 टायर ही जा सकते हैं।

1 डम्पर में कितने टायर्स लगाए जाते हैं?

माइनिंग के एक डम्पर में 6 टायर्स का इस्तेमाल किया जाता है। 2 टायर आगे और 4 टायर पीछे। कीमत की बात करें तो एक डम्पर में सिर्फ 1 करोड़ रुपये के टायर ही लगाए जाते हैं।

भारत में इन टायर्स की डिमांड कितनी है?

भारत में इन टायर्स की डिमांड काफी कम है। हालांकि अलग इनकी साल में 10 टायर्स की भी डिमांड होती है तो इन्हें बनाया जाए जिसके लिए अत्याधुनिक प्लांट लगाया गया है जिसमें हर तरह के टायर्स को बनाया जाता है। इसके साथ ही भारत में टायर्स को लेकर जो भी जरूरते हैं उन्हें बनाया जाए।

By Ankit Dubey