नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भारी उद्योग मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मांग अब बढ़ रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, अब तक देश में कुल 13,92,265 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए हैं। खास बात है कि इनमें सबसे ज्यादा जिन EVs की मांग रही है, उनमें न तो इलेक्ट्रिक स्कूटर है और न इलेक्ट्रिक कार। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में इलेक्ट्रिक सेगमेंट में सबसे ज्यादा बिक्री तीन पहिया वाहनों की है।

कैसी है EVs की बिक्री?

सेल्स रिपोर्ट की बात करें तो 3 अगस्त तक भारत में कुल 13,92,265 इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं। इनमें 7,93,370 तीन पहिया ई-वाहन, 5,44,643 दोपहिया वाहन और 54,252 चार पहिया वाहन हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2021-22 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक हो गई है। यह भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को दिखाता है।

इन कारणों से बढी है EVs की बिक्री

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए कई तरह की सब्सिडी दे रही है। इसकी वजह से इनकी मांग में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम और पर्यावरण के प्रति जागरूकता ने भी EVs की तरह लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। बता दें कि वर्तमान में सभी इलेक्ट्रिक वाहन PLI योजना के तहत प्रोत्साहन पाने के लिए पात्र हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है और इनके चार्जर या चार्जिंग स्टेशनों पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

इन सेगमेंट में भी मिलता है लाभ

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने घोषणा की है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों को हरी लाइसेंस प्लेट दी जाएगी और उन्हें परमिट जैसे दस्तावेजों से छूट दी जाएगी। इसके अलावा MoRTH ने एक अधिसूचना भी जारी किया है जिसमें राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स माफ करने की सलाह दी गई है। मंत्री ने बताया कि सरकार को उम्मीद है इस कदम से इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती लागत को कम करने में मदद करेगा।

Edited By: Sonali Singh