नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। फोर्ड मोटर कंपनी के सीईओ जिम हैकेट ने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को कॉस्ट सेविंग को लेकर संदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोर्ड कॉस्ट सेविंग के फायदा दूसरी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करने में उठाना चाहती है। फोर्ड दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर फ्लोर कैपेसिटी शेयर और मिलकर वाहन बनाने की योजना बना रही है। कंपनी फिलहाल जर्मनी की फॉक्सवैगन एजी और भारत की महिंद्रा के साथ प्रोडक्ट और टेक्नोलजी साझेदारी को लेकर बातचीत कर रही है।

फॉक्सवैगन के साथ फोर्ड अफ्रीका और यूरोप में कमर्शियल व्हीकल टाइअप को बढ़ाने के लिए बातचीत कर रही है। इन मार्केट में फोर्ड को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लैटिन अमेरिका में फॉक्सवैगन के चीफ एग्जीक्यूटिव पाब्लो डी सी ने बताया कि दोनों कंपनियां ब्राजील में साझेदारी को लेकर बातचीत कर रही है और यह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके अलावा फॉक्सवैगन यूरोपीय और साउथ अफ्रीकी देशों में भी फोर्ड के साथ आ सकती है जहां फोर्ड को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इसके अलावा फोर्ड भारत में महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ साझेदारी करने की तैयारी में है। अगर ऐसा होता है तो फोर्ड इस क्षेत्र में अपनी सप्लाई कॉस्ट को काफी कम कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों कंपनियों की साझेदारी वाला पहला व्हीकल 2020 में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में महिंद्रा की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

फोर्ड आने वाले समय में इलेक्ट्रिक और सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल डेवलेप करने के लिए भारी निवेश कर रही है। ऐसे में कंपनी को अपने मुनाफे पर खास ध्यान देना पड़ रहा है।

जुलाई में फोर्ड इंडिया की बिक्री में 4 फीसद की गिरावट

फोर्ड इंडिया ने 4 फीसद की गिरावट के साथ जुलाई महीने में कुल 25,028 यूनिट्स की बिक्री की है। इससे बीते वर्ष यह आंकड़ा 26,075 वाहनों का था। जुलाई महीने में कंपनी की घरेलू बाजार में 7.15 फीसद की गिरावट के साथ थोक बिक्री 7,816 वाहन रही है, जबकि पिछले साल समान अवधि में कंपनी ने 8,418 यूनिट्स की बिक्री की थी। कंपनी के निर्यात में भी 2.5 फीसद की गिरावट देखी गई है। कंपनी ने 17,212 वाहनों का निर्यात किया है, जबकि जुलाई 2017 में 17,657 यूनिट्स का निर्यात हुआ था। 

Posted By: Pramod Kumar

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