नकली हेलमेट के कारण बढ़ रहे हादसे, BIS का भी हो रहा दुरुपयोग
भारत में बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं, जिनमें दो पहिया वाहन सवारों की मौत भी हो जाती है। ...और पढ़ें


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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हर महीने लाखों की संख्या में लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है। इन हादसों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दो पहिया वाहनों की होती है। जिनमें अधिकतर लोग बिना हेलमेट या नकली हेलमेट के साथ सफर करते हैं। दो पहिया हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस पर क्या जानकारी दी है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
नकली हेलमेट से बढ़े हादसे
भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी दो पहिया वाहनों की होती है। जिनमें कई लोगों की मौत भी हो जाती है। इन दुर्घटनाओं में ज्यादा गंभीर चोट लगने का मुख्य कारण हेलमेट न पहनना या नकली हेलमेट का उपयोग करना है।
सख्त कार्रवाई की मांग
दो पहिया हेलमेट मैन्युफक्चरर्स एसोसिएशन की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है जो नकली हेलमेट बनाकर लोगों की सुरक्षा के साथ समझौता कर रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कपूर ने कहा कि नकली हेलमेट खुलेआम तैयार किए जा रहे हैं और देश के कई बाजारों में, खासकर सड़क किनारों पर इनको बेचा जा रहा है।
एनसीआर बना ठिकाना
एसोसिएशन के अध्यक्ष के मुताबिक दिल्ली एनसीआर नकली हेलमेट बनाने वालों का बड़ा ठिकाना बना हुआ है। दिल्ली के करारी और उत्तर प्रदेश के लोनी में कई ऐसी ईकाईयां चल रही हैं जो बेहद कम लागत पर नकली BIS मार्क वाले हेलमेट बना रही हैं। इनके खिलाफ सरकार की ओर से कार्रवाई की जानी चाहिए।
Nitin Gadkari के प्रस्ताव का समर्थन किया
एसोसिएशन की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उस प्रस्ताव का समर्थन भी किया गया है जिसमें हर दो पहिया वाहन के साथ दो BIS प्रमाणित हेलमेट देने की बात कही गई थी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी कर चुकी है कार्रवाई
दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट सफर कर रहे हैं। जिनके कारण हादसे का खतरा बढ़ जाता है। इस साल 15 अप्रैल तक दिल्ली में ही 188 दो पहिया वाहन चालकों की मौत हो चुकी है। जिनमें से अधिकांश मामलों में हेलमेट नहीं पहना गया था। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने 15 अप्रैल तक 4.24 लाख चालान भी काटे हैं।
