नई दिल्ली, पीटीआई। पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसको गंभीरता से लेते हुए सरकार ने विशेषज्ञों की टीम गठित करते जांच का निर्देश दिया था। अब हालिया अपडेट की बात करें तो एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति और उपचारात्मक उपायों का सुझाव देने वाली समिति अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

आपको जानकारी के लिए बता दें हाल ही में कई इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की सूचना सामने आई थी, जिसमें कुछ लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो इससे निपटान के लिए सरकार ईवी निर्माण करने वाली कंनियों के खिलाफ काफी सख्त है।

अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ समिति 30 मई को अपनी रिपोर्ट देगी।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि लापरवाही बरतने वाली कंपनियों को दंडित किया जाएगा और विशेषज्ञ पैनल द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद सभी दोषपूर्ण वाहनों को वापस बुलाने का आदेश दिया जाएगा।

DRDO ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट

सरकार ने इस मामले को लेकर DRDO को जांच के आदेश दिए थे, जहां रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) विंग ने एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें इन स्कूटर्स में आग क्यों लगी इस बात से पर्दा उठ गया है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि जिन बैटरियों में आग लगी थी, उनकी बैटरी पैक डिजाइन और माडयूल में गंभीर समस्या थी। इन्हीं समस्याओं के कारण ओकिनावा आटोटेक, प्योर ईवी, जितेंद्र इलेक्ट्रिक, ओला इलेक्ट्रिक और बूम मोटर्स के इलेक्ट्रिक दोपहिया की बैटरी में आग लगी थी।

Edited By: Atul Yadav