नई दिल्ली: आमतौर पर हम एक कंपनी की कार की तुलना उसके मुकाबले में मौजूद दूसरी कंपनी की कार से करते हैं। लेकिन आज यहां हम एक दिलचस्प कंपेरिज़न लेकर आए हैं, इस कंपेरिज़न में हमने शामिल किया है हुंडई की तीन एसयूवी कारों को...

दरअसल टूसों एसयूवी की बिक्री बंद होने के बाद हुंडई के पास एसयूवी रेंज में केवल फुल साइज़ प्रीमियम एसयूवी सेंटा-फी ही मौजूद थी। सेंटा-फी को दमदार लुक और फीचर की वजह से काफी तारीफें तो मिलीं लेकिन 30 लाख रूपए की प्राइस रेंज में होने के कारण इसे बिक्री के अच्छे आंकड़े नहीं मिल पाए। इसके बाद कंपनी ने कॉम्पैक्ट एसयूवी क्रेटा को उतारा और यह कदम काफी सफल रहा। क्रेटा और सेंटा-फी की कीमत में अंतर करीब 14 लाख रूपए का है। हुंडई क्रेटा और सेंटा-फी के बीच की खाली जगह भरने को कंपनी के पास कोई दूसरी एसयूवी मौजूद नहीं थी लिहाजा कंपनी ने इस खाली जगह को भरने के लिए टूसों को एक बार फिर यहां लॉन्च किया है। अब तीनों एसयूवी की कीमतों के बीच का अंतर करीब 4 लाख रूपए का रह गया है। यहां हम जानेंगे कि तीनों एसयूवी किस मामले में अपने आप को एक-दूसरे से अलग साबित करती हैं...

डिजायन और कद-काठी

क्रेटा Vs टूसों

सबसे पहले बात करते हैं क्रेटा और टूसों की... दोनों एसयूवी एक ही प्लेटफार्म पर बनी हैं, लेकिन दोनों का डिजायन काफी अलग है। क्रेटा जहां पारंपरिक एसयूवी जैसी दिखती है, वहीं टूसों बड़ी, दमदार और मॉर्डन नजर आती है। दोनों ही एसयूवी में ऊंची शोल्डर लाइन के साथ स्लोपिंग रूफ लाइन दी गई है। बदलाव इनकी कद-काठी में भी देखा जा सकता है। हुंडई टूसों क्रेटा से 205 एमएम ज्यादा लम्बी, 70 एमएम ज्यादा चौड़ी और 30 एमएम ज्यादा ऊंची है। बाहरी डिजायन के मामले में दोनों ही एसयूवी में आगे की तरफ थ्री-स्लेट क्रोम ग्रिल दी गई है लेकिन टूसों की ग्रिल ज्यादा ऊंची है जो इसे आक्रामक अंदाज़ देती है। टूसों में पतले डबल-बैरल हैडलैंप्स लगे हैं, जो इसे शार्प लुक देते हैं।

टूसों Vs सेंटा-फी

जहां तक डिजायन की बात है, हुंडई टूसों और सेंटा-फी में थोड़ी सी समानताएं दिखती हैं। शोल्डर लाइन, रूफ लाइन और ए, बी और सी पिलर के मामले में दोनों एसयूवी काफी मिलती-जुलती है। अहम बदलाव इनकी कद-काठी में है। सेंटा-फी, टूसों से 215 एमएम ज्यादा लंबी, 30 एमएम ज्यादा चौड़ी और 30 एमएम ज्यादा ऊंची है। दोनों एसयूवी के अगले हिस्से की तरफ ध्यान दें तो यहां सेंटा-फी का डिजायन काफी हद तक क्रेटा से मिलता-जुलता है, इसकी ग्रिल और हैडलैंप्स क्रेटा की याद दिलाते हैं। हालांकि कद-काठी में टूसों, सेंटा-फी के ज्यादा करीब लगती है।

इंजन और फीचर

पावर स्पेसिफिकेशन की बात करें तो हुंडई क्रेटा दो डीज़ल और एक पेट्रोल इंजन में उपलब्ध है। टूसों में एक पेट्रोल और एक डीज़ल इंजन लगा है, जबकि सेंटा-फी एक डीज़ल इंजन में उपलब्ध है। यहां तीनों एसयूवी में एक जैसी बात ये यह है कि तीनों ही डीज़ल इंजन में उपलब्ध है। क्रेटा के पावरफुल वेरिएंट में 1.6 लीटर का सीआरडीआई डीज़ल इंजन लगा है, जो 128 पीएस की पावर और 260 एनएम का टॉर्क देता है। हुंडई टूसों में नई एलांट्रा वाला 2.0 लीटर का पेट्रोल और 2.0 लीटर का डीज़ल इंजन लगा है। डीज़ल इंजन की पावर 185 पीएस और टॉर्क 400 एनएम है। पेट्रोल इंजन की ताकत 155 पीएस और टॉर्क 192 एनएम का है।

बात करें सेंटा-फी की तो इसके डीज़ल वेरिएंट में 2.2 लीटर का इंजन लगा है, जो 197 पीएस की पावर और 436 एनएम का टॉर्क देता है। इन तीनों कारों में यह सबसे ज्यादा पावरफुल और ज्यादा टॉर्क देने वाली है।

तीनों ही एसयूवी के डीज़ल वेरिएंट 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के विकल्प मौजूद हैं। क्रेटा और टूसों केवल टू-व्हील ड्राइव में उपलब्ध है, जबकि सेंटा-फी में ऑल व्हील ड्राइव का विकल्प भी मौजूद है।

फीचर की बात करें तो तीनों ही एसयूवी में कीमत के लिहाज से अच्छे फीचर दिए गए हैं। क्रेटा में प्रोजेक्टर हैडलैंप्स दिए गए हैं, वहीं टूसों में ड्यूल बैरल एलईडी प्रोजेक्टर यूनिट लगी है। सेंटा-फी में जेनन हैडलैंप्स मिलेंगे। तीनों ही एसयूवी में एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइटें दी गई हैं। केबिन में ध्यान दें तो तीनों में ही टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट के साथ नेविगेशन और मल्टी फंक्शन कंट्रोल स्विच वाला स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। टूसों और सेंटा-फी में क्रूज़ कंट्रोल और आठ इंच की इंफोटेंमेंट डिस्प्ले मिलेगी, जबकि क्रेटा में सात इंच की डिस्प्ले लगी है।

कीमत (एक्स-शोरूम, दिल्ली)

कीमत के मामले में तीनों एसयूवी के टॉप वेरिएंट, दूसरी एसयूवी के बेस वेरिएंट से लगभग 4 लाख रूपए महंगे हैं। यहां सबसे सस्ती हुंडई क्रेटा है। क्रेटा की शुरूआती कीमत 9.22 लाख रूपए है, जो 14.5 लाख रूपए तक जाती है। टूसों की कीमत 18.9 लाख रूपए से शुरू होती है, जो 24.9 लाख रूपए तक जाती है। सेंटा-फी की शुरूआती कीमत 28.5 लाख है, जो 31.9 लाख रूपए तक जाती है। कीमत में अंतर के कारण फीचर लिस्ट में भी कम-ज्यादा का अंतर देखने को मिलेगा। हुंडई क्रेटा और टूसों में जहां पांच लोगों के बैठने की व्यवस्था है, वहीं सेंटा-फी में सात पैसेंजर बैठ सकते हैं।

निष्कर्ष

तीनों ही एसयूवी अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनी हैं। जिसके पास बजट थोड़ा टाइट है और एसयूवी जैसी कार की चाहत है, उनके लिए हुंडई क्रेटा सबसे बेहतर विकल्प है। अगर बजट ज्यादा है और क्रेटा से कुछ ज्यादा की चाहत है, तो फिर हुंडई टूसों की तरफ मुड़ा जा सकता है। ऐसे ग्राहक जिनके पास बज़ट की समस्या नहीं है और जो प्रीमियम एसयूवी के साथ-साथ ऑफ-रोडिंग का भी शौक रखते हैं उनके लिए सेंटा-फी माकूल रहेगी।

Source: Cardekho.com

Posted By: Ankit Dubey

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