नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2018-19 में 1000 फुली-इलेक्ट्रिक बसों को उतारेगी। यह घोषणा AAP सरकार द्वारा दिल्ली विधानसभा को पेश किए गए नए बजट का एक हिस्सा है, जिसने राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक व्यापक इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने का भी वादा किया था।

कैसे और किस तरह दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों को लाया जाएगा अभी इसके बारे में सरकार ने कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, 1000 फुली-इलेक्ट्रिक बसों के साथ, दिल्ली अब दुनिया में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में से एक होगा।

सरकार ने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि दिल्ली के लिए यह पहला ग्रीन बजट है और इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते प्रदूषण को संबोधित करना है। शहर में 1000 इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के अलावा, सरकार ने पिछले मील कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 905 इलेक्ट्रिक फीडर वाहनों को शामिल करने की घोषणा भी की है और ई-रिक्शा सब्सिडी के विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित किया है।

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने AAP सरकार द्वारा किए गए कदम की सराहना करते हुए कहा, "ऐतिहासिक कदम: दिल्ली सरकार ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में 1000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का फैसला किया है। यह दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को पर्यावरण प्रदूषण के बिना और मजबूत करेगा।"

इसके अलावा दिल्ली सरकार फैक्ट्री फिटेड CNG के साथ निजी वाहनों के पंजीकरण शुल्क पर 50 फीसद रियायत भी देगी। लेकिन यह केवल दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के अनुमोदन के बाद होगा। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए एक बहु-आयामी पहल की भी घोषणा की है। 

Posted By: Ankit Dubey

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