नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। तेजी से फैलते कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन कर दिया है। इससे पहले 14 दिनों का लॉकडाउन किया गया था और कई राज्यों में तो सरकार ने धारा 144 लगा दी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी घर से बाहर न जाए और वायरस न फैलाए। वहीं, अगर उत्तर प्रदेश के सिर्फ नोएडा जिले की बात करें तो यहां पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान बेवजह सड़कों पर अपने वाहन के साथ निकल रहे करीब 2,000 लोगों का चालान किया है।

इन चालान की बात करें तो ये आंकड़ा सिर्फ उस दिन का है जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था। सरकार ने उस दिन लोगों से घर में रहने के लिए कहा था, लेकिन कुछ लोगों ने सरकार के इस फैसले की अवहेलना की और खाली सड़कों पर अपने वाहनों के साथ उतर गए। नोएडा पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए ऐसे 2,000 वाहनों का चालान किया जो बेवजह सड़कों पर मस्ती करने उतरे थे।

उन सेक्शन्स के बारे में नहीं पता है जो जुर्माने के लिए लगाए गए थे, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक था कि हर कोई इस कठिन समय के दौरान घर पर रहने के महत्व को समझे। व्हाट्सएप, फेसबुक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आप भी देख रहे होंगे कि पुलिस किस तरह लोगों को घर में रहने के लिए कह रही है और जो लोग बेवजह सड़कों पर अपने वाहन के साथ घूम रहे हैं उनपर लाठी मारने के साथ उन्हें सजा भी दे रही है।

वहीं, पंजाब और राज्थान जैसे राज्यों में जो लोग घर से बेवजह बाहर घूम रहे हैं उन्हें एक पोस्टर देकर उनकी फोटो खींच रही है जिसपर लिखा है 'मैं समाज का दुश्मन हूं, मैं बिना काम के बाहर निकलूंगा'। हालांकि, इन लोगों पर पुलिस ने किसी तरह का कोई चालान नहीं किया है।

नोएडा में एक्टिव ड्यूटी के दौरान पुलिस ने वाहनों को रोक दिया और उनसे घर से बाहर निकलने का कारण पूछा, संतोषजनक उत्तर न मिलकने के कारण पुलिस ने उन्हें जुर्माना दे दिया। हालांकि, पुलिस ने कितने रुपये का जुर्माना या चालान काटा है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पर, जो लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करने के साथ ही बिनी किसी वैध कारण के बाहर घूम रहे हैं, ऐसे करीब 100 लोगों के खिलाफ FIR की गई है।

सभी जिम्मेदार नागरिक को यह समझना चाहिए कि भारत सरकार ने 21 दिनों के लिए देशव्यापी बंद करने की घोषणा की है। भारत में कोरोनावायरस संक्रमण तेजी से ना फैले इसलिए ये फैसला लिया गया है। ऐसे में पुलिस अगर किसी ऐसे व्यक्ति को बेवजह सड़कों पर घूमते हुए देखती है, जिसकी तबियत थोड़ी सी भी खराब लग रही है तो पुलिन उन लोगों पर जुर्माने के साथ ही एक अलगाव वार्ड (isolation ward) में भी भेज दे रही है। 

Posted By: Ankit Dubey

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