चीन कर रहा है कारों में बड़े बदलाव की तैयारी, किन हिस्सों को बदलकर बढ़ा सकता है सुरक्षा, जानें डिटेल
दुनिया में चीन की ओर से कई बेहतरीन तकनीक के साथ कारों को ऑफर किया जाता है। लेकिन अब इन ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में कई निर्माताओं की ओर से वाहनों की बिक्री की जाती है। जिनमें से कई निर्माता अपनी कारों में बेहतरीन तकनीक और फीचर्स को ऑफर करते हैं। लेकिन अब इनमें से कुछ फीचर्स और तकनीक ही हादसों का बड़ा कारण बन रहे हैं। ऐसे में चीन की ओर से कुछ फीचर्स और तकनीक को अपनी कारों से हटाने की तैयारी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में ऑफर की जा रही कारों में किन फीचर्स को हटाया जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
चीन कर रहा तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन देश में ऑफर की जा रही कारों में कई तकनीक को हटाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चीन के मंत्रालय और एजेंसियों की ओर से वाहन निर्माताओं को जल्द ही जानकारी दी जा सकती है।
जारी हुआ ड्रॉफ्ट
चीन के इंडस्ट्री और सूचना तकनीक मंत्रालय के साथ ही तीन अन्य एजेंसियों की ओर से एक ड्रॉफ्ट को जारी किया गया है। जिसको आम लोगों की राय के लिए जारी किया गया है। इस ड्रॉफ्ट के जरिए चीन अपने देश में ऑफर की जा रही कारों के डिजाइन और प्रोडक्ट टेस्टिंग पर निगरानी को मजबूत करना चाहता है।
किन फीचर्स पर लग सकती है रोक
जानकारी के मुताबिक चीन में ऑफर की जाने वाली कारों को कई ऐसे फीचर्स के साथ ऑफर किया जाता है, जिन पर रोक लगाई जा सकती है। इन फीचर्स में फ्लश डोर हैंडल, वर्चुअल कंट्रोल, फोल्ड होने वाले डिस्प्ले जैसे फीचर्स और तकनीक शामिल हैं।
ड्रॉफ्ट में क्या मिली जानकारी
चीन में सरकार की ओर से जो ड्रॉफ्ट जारी किया गया है, उसमें बताया गया है कि नए डिजाइन वाली कारों को मंजूरी के लिए एक जनवरी से अतिरिक्त तकनीक पैरामीटर और वैलिडेशन से जुड़ी जानकारी को भी देना होगा। वहीं पहले से मंजूर किए गए मॉडल्स के लिए यह समय सीमा एक जुलाई तक होगी।
जानकारी नहीं देने पर क्या होगा
जो निर्माता अपनी कारों की यह जानकारी नहीं देंगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जिन निर्माताओं की कारों में सुरक्षा से जुड़े जोखिम पाए जाएंगे उनके प्रोडक्शन को रोका जा सकता है और उन कारों को बाजार से वापस भी मंगवाया जा सकता है।
फिजिकल कंट्रोल होंगे जरूरी
नई कारों में सुरक्षा के लिए वर्चुअल कंट्रोल के साथ ही फिजिकल कंट्रोल को भी जरूरी किया जाएगा। आपातकालीन फीचर्स को भी साफ तौर पर पहचाने जाने वाले फिजिकल कंट्रोल के साथ ऑफर किया जाएगा।
सख्त ट्रेनिंग का भी प्रस्ताव
ड्रॉफ्ट में कम से 30 हजार किलोमीटर की रिलायबिलिटी टेस्टिंग के साथ ही ज्यादा सख्त टेस्टिंग का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही चीन में हादसों के बाद जांच के लिए निर्माताओं को जरूरी डेटा और तकनीकी मदद भी देनी होगी।
