नई दिल्ली (पीटीआई)। ऑटो एक्सपो 2018 में विभिन्न सेगमेंट में 28 से ज्यादा बाजार के लिए तैयार इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश किया गया। सियाम ने भी कहा कि ऑटो इंडस्ट्री ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर अपनी यात्रा शुरू कर दी है। वहीं, सरकार से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर समेंत विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए एक लॉम्ग-टर्म पॉलिसी बनाने की मांग की गई है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल्स मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने उत्पादों को सस्ते और प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने के लिए प्योर इलेक्ट्रिक व्हीक्लस (EV) पर जीएसटी की दर को मौजूदा 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की अपनी मांग को दोहराया।

सियाम के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने कहा, "इस साल ऑटो एक्सपो में हमने विभिन्न सेगमेंट में बाजार में तैयार इलेक्ट्रिक वाहनों के कॉन्सेप्ट को पेश किया। इससे पता चलता है कि ऑटो इंडस्ट्री काफी तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर अपना रुख मोड़ रही है।"

उनहोंने कहा कि इन इलेक्ट्रिक वाहनों को टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अशोक लेलैंड, लोहिया और JBM जैसी कई ऑटो कंपनियों ने पैसेंजर व्हीकल से लेकर कमर्शियल व्हीकल्स और बसों को लॉन्च किया।

माथुर ने कहा कुल इलेक्ट्रिक वाहनों के लॉन्च में 11 कार सेगमेंट में, 5 बसें, हर दो मॉडल्स कमर्शियल व्हीकल्स और थ्री-व्हीलर्स और 8 टू-व्हीलर सेगमेंट में लॉन्च किए गए हैं।

उन्होंने ऑटो एक्सपो के 14 फरवरी पर बंद होने पर कहा, "इन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हमें बुनियादी ढांचा और चार्जिंग सेटेशन्स की जरूरत पड़ेगी, जिस पर सरकार को भी काम करना होगा।"

सरकार के दृष्टिकोण के मुताबिक 2030 तक सार्वजनिक वाहन 100% और निजी वाहन 40% के तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। 

By Ankit Dubey