नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है जिससे प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट लाने में मदद मिलेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करने के लिए दिल्ली के बाद अब आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाने जा रही है। दरअसल आंध्र प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की एजेंसियों की मदद से अपने राज्य सरकार के कर्मचारियों को ईएमआई के आधार पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स प्रदान करने की योजना पर विचार कर रही है। राज्य सरकार के वर्तमान कर्मचारी ही नहीं, बल्कि यह योजना सहकारी समितियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और पेंशनरों को भी कवर करेगी।

इस योजना से न सिर्फ प्रदूषण के स्तर में कमी लाई जा सकेगी बल्कि लोगों की जेब पर पेट्रोल डीजल की वजह से पड़ने वाले बोझ को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। ये इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स सिंगल चार्ज पर 40-100 किमी के बीच की रेंज के साथ आएंगे। इसके अलावा, ईवी को तीन साल तक फ्री मेंटेनेंस भी दी जाएगी जिससे ग्राहकों की बचत होगी। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की रकम को कर्मचारी 24 से 60 महीनों के भीतर आसानी से चुका भी सकते हैं। 

आंध्र प्रदेश के राज्य ऊर्जा सचिव श्रीकांत नागुलपल्ली के अनुसार, न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एपी लिमिटेड (NREDCAP) को ईएमआई योजना संचालित करने का अधिकार दिया जाएगा। योजना को सफल बनाने के लिए, राज्य सरकार विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जहाँ गांव या वार्ड सचिवालय के कर्मचारी और अन्य कम वेतन वाले कर्मचारी परियोजना से लाभान्वित होंगे। आंध्र प्रदेश सरकार जल्द ही इस योजना को लेकर एक आधिकारिक नोटिस प्रकाशित करेगी।

आंध्र प्रदेश ने पहले ही अपनी ईवी नीति जारी कर दी है, जिसका उद्देश्य आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर ई-मोबिलिटी इकोसिस्टम स्टेक होल्डर्स को प्रोत्साहित करके राज्य को एक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब बनाना है। आंध्र प्रदेश सरकार ने ईवी पार्कों को विकसित करने के लिए 500 से 1,000 एकड़ भूमि के आवंटन का प्रस्ताव किया है जिसमें प्लग-एंड-प्ले आंतरिक बुनियादी ढांचा, सामान्य सुविधाएं और बाहरी बुनियादी ढांचा भी होगा।

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