गीली सड़कों पर भी मक्खन की तरह चलेगी आपकी गाड़ी; तुरंत पढ़ें टायरों की देखभाल का सही तरीका
भारत के सभी राज्यों में फिलहाल बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में कार चलाते हुए हादसा होने का ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में फिलहाल बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे मौसम में गाड़ी चलाना काफी मुश्किल भी हो सकता है। इस तरह के मौसम में जब सड़कों पर पानी रहता है तो कार के टायर फिसल सकते हैं या अन्य तरह से परेशान कर सकते हैं। इस तरह के मौसम में कार के टायर की सही देखभाल किस तरह की जा सकती है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
हवा है जरूरी
कार के टायर में वैसे तो सभी तरह के मौसम में हवा का सही प्रैशर रखना काफी जरूरी होता है। लेकिन बारिश के मौसम में इस बात का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी हो जाता है। बारिश के समय टायर में हवा का ध्यान रखना काफी जरूरी हो जाता है। कार के टायर में जब हवा कम होती है या फिर क्षमता से ज्यादा हो जाती है तो गीली सड़क पर कार को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सही प्रैशर में हवा को भरवाना चाहिए।
करें सही रख रखाव
कार के टायर का सही तरह से रख रखाव करना काफी आसान होता है। हर दो हजार किलोमीटर या हर छह महीने में एक बार कार के टायर का अलाइनमेंट चेक करवाना चाहिए। इसके साथ ही साल में एक या दो बार बैलेंसिंग को भी करवाना चाहिए। ऐसा करने से आसानी से कार के टायर्स की उम्र भी बढ़ाई जा सकती है और ज्यादा ईंधन की खपत को भी कम किया जा सकता है।
टायर बदलना ही विकल्प
कई बार कार के टायर इतने ज्यादा खराब हो जाते हैं कि टायर की देखभाल के बाद भी उनको बदलना ही विकल्प रह जाता है। अगर कार में पुराने टायर हों और वह ज्यादा घिस चुके हों तो उन्हें बारिश से पहले ही बदलने की कोशिश करनी चाहिए। अगर ऐसा ना किया जाए तो पुराने हो चुके टायर के साथ गीली सड़कों पर कार से कंट्रोल खत्म होने का खतरा बढ़ जाता है।
