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सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये 5 चीजें, नहीं तो हो सकते हैं बड़े धोखे का शिकार

Published: Thu, 24 Sep 2026 04:29 PM (IST)

Second Hand Cars: पुरानी कार खरीदना एक सस्ता विकल्प हो सकता है लेकिन सही जानकारी ने होने से नुकसान भी ...और पढ़ें

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आजकल नई कार खरीदने से ज्यादा पुरानी कार को खरीदना समझदारी भरा फैसला माना जाता है क्योंकि इसमें आप कम बजट में भी अपनी मनपसंद कार के मालिक बन सकते हैं। लकिन पुरानी कार खरीदते समय सबसे बड़ी चुनौती होती है उसकी सही कंडिशन का पता लगाना। अगर आप भी ऐसा कुछ प्लान कर रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें जिससे आप नुकसान या धोखे से बच सकें।

बॉडी वर्क और एक्सटीरियर

कार को धूप में लेजाकर ध्यान से देखें कि उसपर कोई स्क्रैच, जंग या अलग पेंट की परत तो नहीं है। कार के सभी दरवाजों, बोनट और डिग्गी को खोलकर और बंद करके देखें कि वे ठीक से सेट हो रहे हैं या नहीं। इसके अलावा, कांच और लाइटों पर किसी तरह की दरार न हो इसकी भी जांच कर लें।

इंजन और मैकेनिकल

कार का पेमेंट करने से पहले बोनट उठाकर देखें कि इंजन बे में कोई तेल या फ्लूइड लीक तो नहीं हो रहा है। इंजन ऑयल का कलर और स्तर की भी जांच करने न भूलें। अगर ऑयल बहुत काला और गाढ़ा है तो कार की सर्विसिंग समय पर नहीं हुई है। स्टारट करते समय इंज से कोई अजीब या तेज आवाज नहीं आनी चाहिए।

इंटीरियर और इलेक्ट्रॉनिक्स

कार के केबिन में एक बार बैठ कर सभी फीचर्स का जायजा लें और एसी, म्यूजिक सिस्टम, पावर विंडोज और सभी लाइटें चलाकर देखें। सीट कवर और स्टीयरिंग व्हील की स्थिति से कार के इस्तेमाल का अंदाजा लगाएं। मीटर बोर्ड किसी भी प्रकार की वॉर्निंग लाइट जल रही है या नहीं, यह जरूर देखें।

टेस्ट ड्राइव और ब्रेक

इसके बाद कार चलाकार भी जरूर देखें और कम से कम 10-15 किमी चलाकर उसका टेस्ट ड्राइव लें और अलग-अलग स्पीड पर चलाकर देखें। गियर बदलते वक्त कोई रुकावट या आवाज नहीं होनी चाहिए। इसके बाद थोड़े उबड़-खाबड़ वाले रास्तों पर चलाकर सस्पेंशन की आवाज और स्टेबिलिटी की जांच करें। साथ ही, ब्रेक लगाकर देखें कि गाड़ी एक तरफ तो नहीं खिंच रही।

डॉक्यूमेंट्स और सर्विस हिस्ट्री

गाड़ी पसंद आने पर उसके सभी लीगल पेपर्स चेक करें। इसके लिए RC, इंश्योरेंस और NOC की असली कॉपी देखें। कार की सर्विस हिस्ट्री मांगे जिससे यह साफ हो सके कि कार का एक्सीडेंट तो नहीं हुआ है और मीटर से कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई, इसकी भी जांच करना न भूलें।

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