कार खरीदते समय इन 7 फीचर्स पर न करें एक्स्ट्रा खर्च, ज्यादातर लोगों के नहीं आते काम
गाड़ियों में कई ऐसे फीचर्स होते हैं जिनका इस्तेमाल भारत में कम होता है, फिर भी ग्राहक उनके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च कर देते हैं।

गाड़ियों के ये 7 फीचर्स हैं बेकार

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। ग्राहकों को लुभाने के लिए आजकल कार कंपनियां भर-भर के फीचर्स दे रही हैं। कुछ फीचर्स तो ऐसे हैं, जिनका हम शायद ही कभी इस्तेमाल करते हैं, फिर नई गाड़ी के आकर्षण में हम हजारों रुपये एक्स्ट्रा खर्च कर देते हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे फीचर्स बता रहे हैं, जिनका आमतौर पर इस्तेमाल बहुत कम होता है।
फीचर्स और जरूरत का तालमेल
1. सनरूफ: यह उन देशों के लिए है, जहां सर्दी ज्यादा पड़ती है, सूरज कभी-कभी अपने दर्शन देता है.. ताकि सनरूफ खोलकर धूप कार के केबिन में आये, लेकिन भारत में सनरूफ को इस्तेमाल सिर्फ दिखावे के लिए होता है या फिर बच्चे सनरूफ से बाहर निकलर बाहर का नजारा देखते हैं। हमारे देश में मौसम बदलता रहता है, धूल-मिट्टी की भी परेशानी है। सनरूफ ओपन करके गाड़ी ड्राइव करने से सारी धूल केबिन में आ जाती है। बारिश और धूल सनरूफ को खराब कर सकती है। यह सेफ्टी के लिहाज से भी ठीक नहीं है। सिर्फ दिखावे के कारण ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है।
2. रियर सीट एंटरटेनमेंट स्क्रीन: जो लोग सिर्फ अकेले या परिवार के साथ कभी-कभार छोटी दूरी की यात्रा करते हैं, उनके लिए पीछे की स्क्रीन का इस्तेमाल लगभग न के बराबर होता है। इस फीचर का प्रयोग के बजाय लोगों आपस में बातें करना अधिक पसंद करते हैं और ठीक भी है।
3. आटोमैटिक पार्किंग असिस्ट: तंग जगहों पर पार्किंग में इसका इस्तेमाल किया तो जा सकता है, लेकिन हर कार में एक जैसा काम भी नहीं करता। आप्मिस फीचर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर सकते।
4. वायरलेस फोन चार्जर: यह फीचर अब ज्यादातर कारों में देखने को मिल रहा है लेकिन इससे चार्जिंग स्लो हो सकती है और फोन गर्म भी हो सकता है। अब अगर आपके पास पहले से अच्छा कार चार्जर है, तो यह फीचर अनाश्यक ही है।
5. एंबिएंट लाइटिंग: यह कार के केबिन को आकर्षक तो बनाती है, लेकिन ड्राइविंग और रोजमर्रा के इस्तेमाल में इसका सीधा फायदा सीमित है। अगर यह फीचर नहीं भी होगा तब भी कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
6. कनेक्टेड कार फीचर्स: इससे मोबाइल एप से कार की लोकेशन, लाक और दूसरी सुविधाएं कंट्रोल कर सकते हैं। असल में इसका इस्तेमाल रोजाना होता ही नहीं है, कुछ के लिए सब्सक्रिप्शन भी देना पड़ सकता है। अगर रोज आफिस आना-जाना है तो इसकी जरूर शायद ही पड़े।
7. वायस कमांड सिस्टम: इससे एसी, म्यूजिक और दूसरे फीचर्स को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन अगर सिस्टम आपकी आवाज ठीक से नहीं समझता, तो इसका इस्तेमाल मुश्किल हो सकता है।
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