दीवाली पर नई कार खरीदने जा रहे हैं? बजट से लेकर डिलीवरी तक, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
दीवाली और धनतेरस के मौके पर कार और बाइक के शो-रूम में ग्राहकों की संख्या में सबसे अधिक दिखती है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। नई कार लेने जा रहे हैं, तो सबसे पहले अपना बजट तय करना होगा। बाजार में हर बजट और जरूरत के हिसाब से कारें मौजूद हैं। कार की कीमत के साथ-साथ इंश्योरेंस, फ्यूल और सर्विस पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ रही है, जो अपनी टेक्नोलाजी, बेस्ट रेंज और फीचर्स के कारण इन दिनों खूब पसंद की जा रही हैं। एमजी डीलरशिप पर जब हमने इस ट्रेंड पर बात की, गाड़ियों में आ रहे नए फीचर्स, बेहतर मॉडल्स चुनने के विकल्पों के चलते ग्राहकों की बढ़ती पसंद के बारे में बताया गया।
वहीं, अगर आप पेट्रोल, सीएनजी या डीजल कार की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको देखना होगा कि छोटी कार लेनी है, सेडान या फिर एसयूवी। आपकी रोजाना की रनिंग कितनी है, पार्किंग की सुविधा कैसी है? जैसे सवालों के जवाब को भी लेकर आपका आश्वस्त होना जरूरी है, यानी कार की कीमत के साथ-साथ इंश्योरेंस, फ्यूल और सर्विस पर भी ध्यान रखना होगा।
कीमत को लेकर स्पष्टता जरूरी
डीलर से अपनी पसंद की कार की एक्स-शोरूम और ऑन-रोड कीमत जानने के अलावा आपको रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और दूसरे चार्जेज के बारे में भी जानना चाहिए। सबसे जरूरी है कि आप उस वेरिएंट को चुनें जो आपकी जरूरत को पूरा करें। लोन और इंश्योरेंस आप सीधा बैंक से भी करवा सकते हैं, कई बार यह थोड़ा सा सस्ता पड़ता है। इसमें आपका सिविल स्कोर भी मायने रखता है।
इस फीचर्स पर जरूर ध्यान दें:
- एयरबैग्स
- क्रैश सेफ्टी
- एबीसी और ईएससी
- अच्छे टायर
- मजबूत ब्रेक
- रियर पार्किंग सेंसर
- 360 डिग्री कैमरा
- बेहतर विजिबिलिटी
- आरामदायक सीटें
डिस्काउंट के बारे में बात करें
फेस्टिव सीजन में ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां डिस्काउंट और आकर्षक आफर्स देती हैं। डीलर्स से डिस्काउंट के बारे में खुलकर बात करें। बुकिंग से पहले कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट ऑफर और फाइनेंस स्कीम के बारे में बात करें ताकि आपको बेहतर डील मिल सके।
बुकिंग अमाउंट और डिलीवरी की तारीख
कार बुक करने से पहले बुकिंग राशि, कैंसिलेशन और रिफंड की शर्तों के बारे में अच्छे से समझ लें। इसके अलावा डीलर से कार की डिलीवरी डेट के बारे में जानकारी लें।
- टेस्ट ड्राइव लें: जो मॉडल आपने पसंद किया है उसकी टेस्ट ड्राइव जरूर लें, सिर्फ गाड़ी को देखकर फाइनल ना करें। कार खरीदने से पहले उसे चलाकर देखें। इससे आपको कार की सीटिंग, ड्राइविंग और आराम का अंदाजा आसानी से मिल सकेगा।
- लोन की जानकारी और बुकिंग की रसीद लें: अगर आप गाड़ी लोन पर ले रहे हैं तो ब्याज दर, EMI, डाउन पेमेंट और लोन कितने साल का है उसकी जानकारी लें। ध्यान रहे गाड़ी बुक करने के बाद उसकी रसीद जरूर लें।
- डिलीवरी से पहले करें ये काम: कार की डिलीवरी लेने से ठीक पहले डीलरशिप की तरफ से आपको प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (पीडीआइ) के लिए कॉल आएगा, इसलिए शो-रूम जाएं तो कार को ध्यान से चेक करें। यहां हम कुछ चेकप्वाइंट्स बता रहे हैं उन पर ध्यान जरूर दें और कार को ठीक प्रकार से चेक करें। इस बात पर ध्यान दें कि बॉडी पर कोई स्क्रैच या डेंट तो नहीं है। अगर ऐसा कुछ नजर आए तो इसकी जानकारी शोरूम के मैनेजर या एग्जीक्यूटिव को दें।
- केबिन चेक करें: इसके बाद कार में बैठकर पूरा केबिन भी ठीक से चेक करें। साथ ही एसी, सभी लाइट्स और स्विच चेक करें। इतना ही नहीं सीटें और मैट्स को ठीक से चेक करें कि कहीं से कटे-फटे ना हो।
- इंजन स्टार्ट करें: इंजन स्टार्ट करें और करीब पांच मिनट तक इंजन को बंद ना करें, अगर जांच के दौरान इंजन की आवाज नार्मल है तो कोई दिक्कत नहीं लेकिन ठीक है कोई असामान्य आवाज सुनाई दे तो डीलर से बात करें। कार का एसी और इसकी कूलिंग जरूर चेक करें।
- डाक्यूमेंट और वेरिफिकेशन: इस बाद सबसे जरूरी काम होता है गाड़ी के सभी पेपर्स चेक करना। इन पेपर्स में आपको इनवॉइस, इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट्स, मैन्युअल्स, वॉरंटी कार्ड, रोड साइड असिस्टेंस नंबर,आरसी और सर्विस बुक जैसे डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा गाड़ी में स्पेयर व्हील, जैक, टूलकिट और डुप्लीकेट चाबी जरूर चेक करें। इंजन और चेसिस नंबर का मिलान रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट में दिए गए नंबर से करें। जब आपकी तरफ से सब ओके हो जाए उसके बाद इंस्पेक्शन लेटर पर आपको साइन करना होगा।
- नई कार घर लाने के बाद कुछ जरूरी काम भी करना न भूलें: नई कार के घर आने की खुशी सभी को होती है और यह हमेशा रहे, इसके लिए कार की आरसी, इंश्योरेंस, बिल, पीयूसी और अन्य जरूरी कागजात की जांच करें। आरसी में नाम, इंजन नंबर और चेसिस नंबर सही होने चाहिए। फास्टटैग एक्टिव है या नहीं, यह जरूर देखें। सबसे जरूरी बात कंपनी द्वारा बताए गए टायर प्रेशर के अनुसार हवा भरवाएं। कार में फर्स्ट एड किट, एक टार्च, टायर इन्फ्लेटर, पंचर रिपेयर किट जरूर रखें। सर्विस शेड्यूल समझें जैसे कि फ्री फर्स्ट सर्विस कब होगी और आगे की सर्विस पर भी नजर डालें। कार को तेज रफ्तार से चलाने से बचें।
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