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जर्मनी के सीक्रेट वर्कशॉप में कैसे संभालकर रखी गई हैं 700 दुर्लभ पॉर्श कारें? जान लें कैसे हुई शुरुआत

Published: Mon, 28 Sep 2026 10:00 AM (IST)

भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में पुरानी कारों को संभालने वालों की संख्‍या काफी ज्‍यादा है। Porsche की ...और पढ़ें

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ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत के साथ ही दुनिया के कई देशों में Porsche की ओर से लग्‍जरी और स्‍पोर्ट्स कारों की बिक्री की जाती है। लेकिन एक ऐसी वर्कशॉप भी है जहां पर पोर्श की क्‍लासिक कारों का सबसे बड़ा कलेक्‍शन भी है। यह वर्कशॉप कहां पर है। यहां पर कितनी कारों को संभालकर रखा गया है। किस तरह की कारें कलेक्‍शन में शामिल हैं। किस तरह से इसकी शुरुआत की गई थी। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

कहां है वर्कशॉप

पोर्श की क्‍लासिक कारों की सबसे बड़ी कलेक्‍शन किसी म्‍यूजियम में नहीं है बल्कि एक वर्कशॉप में दुनिया की कुछ खास पोर्श कारों को इकट्ठा कर रखा गया है। यह वर्कशॉप जर्मनी में है।

कितनी है कारें

जर्मनी के वुपटल शहर में एक कंपनी है जिसका नाम अर्ली 911 एस है। इस कंपनी में ही पोर्श की सबसे बेहतरीन और दुर्लभ कारों का संग्रह है। जानकारी के मुताबिक इस वर्कशॉप में करीब 700 ऐसी पोर्श हैं जो क्‍लासिक होने के साथ ही काफी खास हैं।

कैसे हुई शुरुआत

जानकारी के मुताबिक यह कंपनी पुरानी पोर्श कारों को उनके मूल रूप में बहाल करने के लिए दुनियाभर में अलग पहचान रखती है। इसकी वर्कशॉप में एक समय में ही करीब 140 कारों पर एकसाथ काम किया जाता है। कंपनी को 2006 में मैनफ्रेड हेरिंग ने तब शुरू किया था जब उन्‍होंने एक विज्ञापन के लिए 1966 की Porsche 911 कार को खरीदा था।

पुर्जे जुटाने किए शुरू

जब उन्‍होंने पोर्श की पुरानी 911 को रिस्‍टोर किया तो उनको लगा कि वह इससे बेहतर कार बना सकते हैं। जिसके बाद उन्‍होंने पुरानी कार को और बेहतर करने के लिए पुरानी कारें और पुर्जो को जुटाना शुरू कर दिया। 

मौजूद हैं कई दुर्लभ कारें

इस वर्कशॉप में सिर्फ पुरानी कारों को उनके मूल डिजाइन में ही नहीं रखा जाता बल्कि यहां पर दुनिया की कुछ ऐसी दुर्लभ पोर्श भी मौजूद हैं जो अब कहीं पर भी नहीं मिलती। इनमें Porsche 959 के साथ ही हरे रंग की Porsche 916 भी शामिल है, जिसकी सिर्फ 11 कारों को ही बनाया गया था।

100 से ज्‍यादा लोग करते हैं काम

इस वर्कशॉप में करीब 100 से ज्‍यादा लोग काम करते हैं। इनमें से कुछ का काम पुरानी कारों को उनके मूल स्‍वरूप में ढालना होता है। वहीं कुछ लोग पुरानी कारों के साथ ही उनके पुर्जो को खोजने का काम करते हैं। पुरानी कारों में लगने वाले पुर्जे भी उसी दौर के होते हैं, इसलिए उनको भी संभालकर रखने का काम काफी महत्‍वपूर्ण हो जाता है।

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