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दीवाली पर नई कार या बाइक खरीदने से पहले अपनाएं ये 5 टिप्स, बच जाएंगे हजारों रुपये

Published: Wed, 28 Oct 2026 08:45 PM (IST)

दीवाली पर कार या बाइक खरीदने से पहले डीलरशिप, इंश्योरेंस, लोन, एक्सेसरीज और PDI की जांच करें, ताकि अनावश्यक खर्च से बच सकें।

दीवाली पर कार या बाइक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

दीवाली पर कार या बाइक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

HighLights

  1. तीन डीलरशिप से कीमत की तुलना करें।

  2. बीमा और लोन की शर्तों को जांचें।

  3. गैरजरूरी एक्सेसरीज से बचें, PDI करें।

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली के मौके पर नई कार या बाइक खरीदना चाहते हैं, तो सिर्फ आकर्षक डिस्काउंट देखकर डील फाइनल करने की गलती न करें। त्योहारों के दौरान गाड़ियों पर मिलने वाले ऑफर्स खरीदारी को किफायती बना सकते हैं, लेकिन इंश्योरेंस, लोन की फीस और एक्सेसरीज जैसे खर्च आपका बजट बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सही डील चुनने के लिए गाड़ी की कीमत के साथ उससे जुड़े सभी खर्चों की जानकारी लेना जरूरी है।

डील फाइनल करने से पहले अपनाएं ये टिप्स

1. एक ही गाड़ी के लिए तीन डीलरशिप से लें कीमत

नई कार या बाइक खरीदने से पहले अपने शहर की कम से कम तीन डीलरशिप से एक ही मॉडल और वेरिएंट का कोटेशन जरूर लें। केवल एक्स-शोरूम कीमत देखकर फैसला न करें, बल्कि ऑन-रोड प्राइस में शामिल सभी खर्चों को भी समझें। इससे आपको पता चलेगा कि अलग-अलग शोरूम में एक ही गाड़ी की अंतिम कीमत कितनी है।

2. गाड़ी का इंश्योरेंस खरीदने से पहले करें तुलना

नई गाड़ी खरीदते समय इंश्योरेंस प्रीमियम भी कुल खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसलिए शोरूम से मिले बीमा कोटेशन को ही अंतिम विकल्प न मानें। दूसरी बीमा कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी कीमत पता करें। अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने के बाद आप तय कर सकते हैं कि कौन-सी पॉलिसी आपके बजट और जरूरतों के अनुकूल है।

3. कार लोन लेने से पहले ब्याज दर और फीस करें चेक

अगर आप नई गाड़ी खरीदने के लिए लोन लेने वाले हैं, तो सिर्फ शोरूम के साथ जुड़े बैंक के ऑफर को स्वीकार न करें। अपने मौजूदा बैंक और दूसरे बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की तुलना करें। दीवाली के दौरान कुछ बैंक कम या शून्य प्रोसेसिंग फीस और रियायती ब्याज दरों जैसे ऑफर दे सकते हैं।

4. गैरजरूरी एक्सेसरीज के नाम पर न बढ़ाएं बजट

नई कार खरीदते समय डीलरशिप के कोटेशन में एसेंशियल किट या बेसिक एक्सेसरीज के नाम पर अतिरिक्त खर्च जोड़ा जा सकता है। इनमें कारपेट मैट, मड फ्लैप, परफ्यूम और दूसरी सजावटी चीजें शामिल हो सकती हैं। कुछ मामलों में इनका कुल खर्च 20,000 से 35,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इसलिए बुकिंग या भुगतान से पहले कोटेशन को ध्यान से पढ़ें। जिन एक्सेसरीज की जरूरत नहीं है, उन्हें हटाने के लिए डीलर से कहें। इससे गाड़ी की खरीदारी का कुल खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

5. डिलीवरी से पहले गाड़ी का PDI जरूर करें

त्योहारी सीजन में नई गाड़ियों की डिलीवरी की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में वाहन घर लाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। इसे प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन यानी PDI कहा जाता है। गाड़ी की जांच दिन की रोशनी में करें, ताकि बॉडी पर खरोंच, डेंट या पेंट से जुड़ी गड़बड़ियां आसानी से दिखाई दे सकें। इसके साथ ही वाहन का VIN यानी व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर जांचें, जिससे मैन्युफैक्चरिंग महीने और साल की जानकारी मिल सके। गाड़ी के वेरिएंट, जरूरी फीचर्स और दस्तावेजों का मिलान भी बुकिंग के समय दी गई जानकारी से करें।

दीवाली पर कार या बाइक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

दीवाली पर नई गाड़ी खरीदते समय सबसे ज्यादा डिस्काउंट वाला ऑफर ही हमेशा सबसे बेहतर सौदा नहीं होता। गाड़ी की ऑन-रोड कीमत, इंश्योरेंस, लोन की शर्तें और एक्सेसरीज का खर्च मिलाकर देखें। साथ ही, अलग-अलग डीलरशिप के कोटेशन की तुलना करें और डिलीवरी से पहले वाहन की जांच करना न भूलें। इन पांच तरीकों को अपनाकर आप गैरजरूरी खर्चों की पहचान कर सकते हैं और अपने बजट के अनुसार खरीदारी का फैसला ले सकते हैं। ध्यान रखें कि वास्तविक बचत गाड़ी के मॉडल, शहर, डीलरशिप, बैंक और उपलब्ध ऑफर्स के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

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