DigiLocker या mParivahan डॉक्यूमेंट्स नहीं मान रही ट्रैफिक पुलिस? तो करें ये काम, तुरंत रद्द होगा चालान
Digilocker or mParivahan: अगर कभी कोई भी ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी DigiLocker या mParivahan में रखे डॉक्यूमेंट्स को लीगल मानने से मना कर तो आप इन तरीकों से बच सकते हैं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आजकल ज्यादातर लोग अपनी गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स जैसे DL और RC जेब में रखने की जगह मोबाइल ऐप जैसे DigiLocker या mParivahan में रखते हैं। लेकिन कई बार ट्रैफिक पुलिस इन डिजिटल डॉक्यूमेंट्स को मानने से मना कर देती है और चालान काटने की बात करती है। आइए जानते हैं कि अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हो तो आप क्या कर सकते हैं और कानून इसके बारे में क्या कहता है।
क्या कहता है नियम?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और IT Act 2000 के तहत Digiloker या mParivahan ऐप में मौजूद डिजिटल डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह से वैलिड हैं। कानून के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस या कोई भी जांच अधिकारी इन्हें देखने से मना नहीं कर सकता है और न ही आपसे फिजिकल कॉपी दिखाने की जिद कर सकता है।
अगर मना करे तो क्या करें?
अगर ट्रैफिक पुलिस डिजिटल डॉक्यूमेंट्स मानने से मना करें तो ऐसे में कभी भी वेवजह की बहस में न फंसे, बल्कि ये करें:
- नोटिफिकेशन का हवाला: सबसे पहले पुलिस अधिकार से शांति से बात करें और उन्हें बताएं कि सड़क परिवहन मंत्रालय के आदेशानुसार DigiLocker/mParivahan के डॉक्यूमेंट्स कानूनी तौर पर मान्य है।
- स्क्रीनशॉट या फोटो: ऐसे समय में ध्यान रखें कि मोबाइल की गैलरी में रखी फोटो या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं होते। डॉक्यूमेंट्स हमेशा DigiLocker या mParivahan ऐपे ही खोलकर दिखाएं।
- सीनियर अधिकारी से बात करें: अगर ऑन-ड्यूटी कॉंस्टेबल या ट्रैफिक पुलिसकर्मी डॉक्यूमेंट्स को एक्सेप्ट नहीं करते तो वहां मौजूद TI या किसी सीनियर अधिकारी से बात करने की कोशिश करें।
- चालान कटा तो क्या करें?: अगर पुलिसकर्मी फिर भी चालान काट दें तो बहस या विवाद न करे। चालान पर यह दर्ज या नोट कराएं कि आपने ऐप में डिजिटल डॉक्यूमेंट्स दिखाए थे। इसके बाद आप इस चालान को ट्रैफिक कोर्ट में जानकार रद्द करा सकते हैं।
- शिकायत दर्ज कराएं: गलत तरीके से काटे गए चालान की शिकायत आप ट्रैफिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर, सोशल मीडिया हैंडल X या परिवहन विभाग के पोर्टल पर कर सकते हैं।
हमेशा इस बात को याद रखें कि DigiLokcer या mParivahan भारत सरकार के आधिकारिक ऐप हैं और इसमें स्टोर किए गए डॉक्यूमेंट्स भी 100% लीगल हैं।
