सर्विस सेंटर पर फ्रॉड का शिकार होने से बचाएगी ये जानकारी, जानिए कितना काम सही और क्या है फिजूल खर्च
Service Center Fraud: अगर आप भी सर्विस सेंटर पर फिजूल खर्चे के चक्कर में नहीं पड़ना चाहते तो यहां बताई ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। गाड़ी की सर्विसिंग कराते समय अक्सर देखा गया है कि सर्विस सेंटर वाले बिल को बहुत ज्यादा ही बढ़ा-चढ़ाकर थमा देते हैं। हालांकि, जानकारी कम होने की वजह से हम अक्सर उन फालतू कामों के भी पैसे दे देते हैं जिसकी कार को बिल्कुल भी जरूरत नहीं थी। अगर आप भी अपनी मेहनेत की कमाई गंवाना नहीं चाहते तो यहां देखिए कि कौन सा काम जरूरी है और क्या फालतू।
क्या है सबसे जरूरी?
- इंजन ऑयल और फिल्टर: कार के इंजन को सही रखने के लिए मैन्युफैक्चरर की गाइडलाइन के मुताबिक हर 10,000 किमी या 1 साल में इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर बदलना बहुत ही जरूरी है।
- एसी और एयर फिल्टर: प्रदूषण की वजह से एयर और एसी फिल्टर में धूल जम जाती है जिसे साफ कराना या बदलना बहुत ही जरूरी होता है।
- ब्रेक्स की जांच: सुरक्षा के लिए ब्रेक पैड्स, ब्रेक ऑयल और डिस्क की जांच करना सबसे जरूरी है।
- कूलेंट और ब्रेक फ्लुइड: इंजन को ठंडा रखने और ब्रेकिंग सिस्टम को सही बनाए रखने के लिए फ्लूइड लेवल चेक कराना बहुत ही जरूरी है।
- व्हील अलाइनमेंट: हर 10,000 किमी पर टायरों की लंबी उम्र और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए इसे कराना चाहिए।
क्या हैं फालतू खर्चे?
- इंजन फ्लशिंग: अगर आप अपनी गाड़ी की सर्विसिंग समय पर कराते हैं तो साधारण कार को कभी भी इंजन फ्लश की जरूरत नहीं पड़ती। सर्विस एडवाइजर अक्सर बिल बढ़ाने के लिए इसे जोड़ देते हैं।
- इंजन डीकार्बोनाइजेशन: मॉडर्न BS6 इंजन में 50 से 60 हजार किमी से पहले इंजन डीकार्बोनाइजेशन की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ती है।
- फ्यूल एडिटिव्स: पेट्रोल या डीजल में अलग से महंगे एडिटिव्स डालने की सलाह दी जाती है जो कि पूरी तरह से फिजूल खर्च है और कुछ नहीं।
- अंडरबॉडी रस्ट कोटिंग: कार में कंपनी पहले से ही एंटी-रस्ट कोटिंग कर के देती है। नई गाड़ियों में बार-बार रस्ट कोटिंग कराने का कोई भी मतलब नहीं बनता है।
- एसी सेनिटाइजेशन कोटिंग: यह काम सर्विस का हिस्सा नहीं होता है बल्कि एक एक्सट्रा ब्यूटी ट्रीटमेंट है जिसे भारी-भरकम चार्ज के साथ जोड़ा जाता है जिसकी जरूरत भी नहीं।
स्मार्ट टिप
अपनी गाड़ी की सर्विसिंग के समय हमेशा थोड़ा सतर होकर रहें जिससे आप अपनी मेहनत के हजारों रुपए की फिजूलखर्ची बचा सकें। जब भी आप सर्विस सेंटर जाएं तो जॉब कार्ड पर सिग्नेचर करने से पहले हर एक आइटम को ध्यान से पढ़ें और अनचाहे या गैर-जरूरी को साफ मना कर दें। अपनी कार के मैनुअल के हिसाब से ही काम कराएं जिससे गाड़ी और आपका बजट दोनों ही फिट रहे।
