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अंक 13 से डर और 7 से प्यार... ईसाई धर्म में जो तेरह 'अशुभ' है, हिंदू धर्म में वही क्यों माना गया है 'अत्यंत शुभ'?

Published: Thu, 01 Oct 2026 12:29 PM (IST)

अंक 7 और 13 के शुभ-अशुभ होने के पीछे के विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों में इनकी मान्यता है। आइए जानते ...और पढ़ें

अंक 7 को शुभ और 13 को अशुभ क्यों माना जाता है?

अंक 7 को शुभ और 13 को अशुभ क्यों माना जाता है?

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी ने कभी न कभी यह गौर जरूर किया होगा कि, कुछ अंक देखते ही हमें अच्छा महसूस होता है, जैसे (11:11), जबकि कुछ अन्य अंक हमारे दिमाग और मन में बेचैनी पैदा कर सकते हैं। अलग-अलग संस्कृतियों में लोगों को मानना है कि, संख्याओं में ऊर्जा समाहित होती है, जो हमारी भावनाओं को प्रभावित करती है और यहां तक कि हमारे भाग्य का निर्माण करने में भी मदद करती है।

यही वजह है कि, कुछ अंकों को शुभ तो जबकि कुछ को अशुभ माना जाता है। आमतौर पर अंक 7 को शुभ और अंक 13 को अशुभ माना जाता है। आइए समझते हैं इसके पीछे की प्रचलित मान्यताओं के बारे में।

संख्याओं में होती है ऊर्जा

अंक ज्योतिष के मुताबिक, संख्याएं सिर्फ गिनती के लिए ही नहीं होती है, बल्कि हर संख्या की अपनी एक खास ऊर्जा होती है। जैसे अंक 1 नेतृत्व, आत्मविश्वास और नई शुरुआत, अंक 2 भावनाओं, रिश्ते और संवेदनशीलता और अंक 3 रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और सुखद ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है, ठीक उसी तरह प्रत्येक अंक किसी न किसी ऊर्जा से मेल खाते हैं।

13 अंक को क्यों अशुभ माना जाता है?

अंक 13 को अशुभ मानने के पीछे कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण हो सकते हैं। अंक 13 से डरने वाले लोगों को विज्ञान की भाषा में 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया' कहा जाता है। इस अंक के अशुभ होने के पीछे कई धार्मिक कारण भी बताए जाते हैं, जिसका उल्लेख बाइबल में भी देखने को मिलता है।

ईसाई धर्म में में अंतिम भोज एक प्रसिद्ध घटना है, जहां यीशु को धोखा देने वाले शिष्य जूडास इस्करियोट 13वें अतिथि थे। विश्वासघात और दुर्भाग्य से जुड़े होने के कारण पश्चिमी देशों में 13 संख्या का नकारात्मक अर्थ निकाला जाता है।

आज के आधुनिक युग में भी 13 संख्या का डर देखने को मिलता है। यह अंधविश्वास समाज में इतनी गहराई से समाया हुआ है कि, कई इमारतों में 13वीं मंजिल नहीं होती है। इसके साथ ही कुछ एयरलाइनें अपने विमानों में भी 13 पंक्ति रखने से बचती है।

ज्योतिष मान्यताओं में अंक 13

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अंक 13 का संबंध बृहस्पति ग्रह से जुड़ा होता है। बृहस्पति ग्रह सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन जब गुरु ग्रह किसी राशि में 13वें स्थान पर होता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

अंक 13 से जुड़ी हिंदू मान्यताएं

भले ही अंक ज्योतिष में इसे अशुभ माना जाता हो, लेकिन हिंदू मान्यताओं में 13 अंक को शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के हिसाब से त्रयोदशी तिथि भगवान शिव से जुड़ी मानी जाती है।

इसके अलावा महाशिवरात्रि का पर्व भी माह महीने के 13वें दिन मनाया जाता है। 

अंक 7 से क्यों माना जाता है शुभ?

अंक शास्त्र में संख्या 7 को बेहद शुभ इसलिए माना जाता है, क्योंकि इसका संबंध गहन आध्यात्मिकता से है। इस अंक को अक्सर साधकों, दार्शनिकों और आध्यात्मिक विचारकों की संख्या माना जाता है।

7 संख्या गहन आत्मनिरीक्षण, ज्ञान और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। इस अंक से प्रभावित लोग अक्सर भौतिक जगत से अधिक जीवन का सच जानने की इच्छा रखते हैं।

इसके अलावा प्राचीन खगोलशास्त्र में सिर्फ 7 आकाशीय पिंड साफतौर पर दिखाई देते थे (सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि)। इन्हीं के आधार पर हफ्ते के 7 दिन निर्धारित हुए, जिस वजह से 7 अंक को ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक भी माना जाता है।

इसके अलावा अलग-अलग धर्मों में भी 7 अंक का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में विवाह के दौरान 7 फेरे, 7 जन्म, 7 महान ऋषि और 7 संगीत इसका उदाहरण है।

ईसाई एवं यहूदी धर्म में ईश्वर ने 6 दिन दुनिया का निर्माण किया और 7वें दिन आराम किया। इस्लाम धर्म में पवित्र कुरान में 7 आकाशों और हज के 7 चक्कर लगाने की बात कही गई है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।