क्रोधी लेकिन दिल के साफ होते हैं मूलांक 9 वाले, जानिए किन तारीख पर जन्मे लोगों से बनती है इनकी बेस्ट जोड़ी
अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 9 वाले लोग मंगल के प्रभाव से क्रोधी स्वभाव के होते हैं, लेकिन उनका दिल ...और पढ़ें
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कैसे होते हैं मूलांक 9 वाले लोग? (Picture Credits- AI Image)
HighLights
मूलांक 9 वाले मंगल के प्रभाव से क्रोधी होते हैं।
इनका दिल कोमल और स्वभाव से छल-कपट रहित होता है।
मूलांक 1, 3 और 6 के साथ इनकी उत्तम जोड़ी बनती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ हो, तो उनका मूलांक 9 होता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह मंगल देव हैं। ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को नौ ग्रहों में सेनापति का दर्जा प्राप्त है। इसलिए मूलांक 9 वालों पर मंगलदेव का अधिक प्रभाव रहता है।
इस मूलांक के लोग छोटी-छोटी बातों पर बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। कई बार इनके उग्र स्वभाव की वजह से रिश्तों में दूरियां भी आ जाती हैं, लेकिन इन लोगों का दिल कोमल होता है। ये जीवन में कभी किसी से छल-कपट नहीं करते हैं।
ग्रह के प्रभाव की वजह से मूलांक 9 वालों की जोड़ी कुछ लोगों के साथ बहुत अच्छी बनती है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि वे कौन से लोग हैं और उनका क्या मूलांक है, जिनकी मूलांक 9 वालों के साथ खास जोड़ी बनती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
मूलांक 1
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को होता है, तो उनका मूलांक 1 होता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह सूर्य देव हैं। इसलिए मूलांक 1 वालों पर सूर्य का अधिक प्रभाव रहता है। सूर्य देव को नवग्रहों में राजा और ऊर्जा एवं आत्मा का कारक माना गया है। सूर्य और मंगल दोनों ही मित्र ग्रह हैं। मूलांक 1 वालों में नेतृत्व क्षमता होती है और ये मूलांक 9 की ऊर्जा का सही मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए इन दोनों मूलांक वालों के बीच एक मजबूत रिश्ता बनता है।
मूलांक 3
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को होता है, तो उनका मूलांक 3 होता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति हैं। गुरु ग्रह मंगल देव के तेज क्रोध को संतुलित करते हैं, जिससे मूलांक 3 और 9 वालों की जोड़ी खास बनती है।
मूलांक 6
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 6 होता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण और विलासिता का कारक माना जाता है। मंगल के उग्र स्वभाव को शुक्र की कोमलता और प्रेम आसानी से कम कर देते हैं। इसलिए इन दोनों के बीच आकर्षण और सुखद रिश्ता बनता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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