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क्यों 450 साल बाद भी इस डेड बॉडी में आज भी दिव्य शक्तियां हैं

कई ऐसे त्यौहार होते है जिसके पीछे अजीबोगरिब घटनाएं जुडी होती है कुछ घटनाएं तो ऐसी होती है जिस पर विश्वास करना कठिन होता है। ऐसा ही कुछ होते आ रहा है गोवा में । हर साल की तरह इस बार भी गोवा में 6 से 9 फरवरी तक कार्निवल

By Preeti jhaEdited By: Published: Thu, 04 Feb 2016 03:20 PM (IST)Updated: Fri, 05 Feb 2016 10:06 AM (IST)

कई ऐसे त्यौहार होते है जिसके पीछे अजीबोगरिब घटनाएं जुडी होती है कुछ घटनाएं तो ऐसी होती है जिस पर विश्वास करना कठिन होता है। ऐसा ही कुछ होते आ रहा है गोवा में । हर साल की तरह इस बार भी गोवा में 6 से 9 फरवरी तक कार्निवल मनाया जाएगा। 18वीं सदी में शुरू हुए इस फेस्टिवल में देश-विदेश से लोग शामिल होने आते हैं। कार्निवल के दौरान खासतौर से ईसाई टूरिस्ट पणजी स्थित 'बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च' भी जाते हैं, जहां सेंट फ्रांसिस जेवियर का शरीर 450 साल से सुरक्षित रखा गया है। कहा जाता है कि फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी में आज भी दिव्य शक्तियां हैं। इस वजह से वह आज तक खराब नहीं हुई।

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आइए जानें, कौन थे सेंट फ्रांसिस जेवियर -

सेंट फ्रांसिस जेवियर, संत से पहले एक सिपाही थे। वे इग्नाटियस लोयोला के छात्र थे। इग्नाटियस लोयोला जीसस के आदेशों के संस्थापक थे। बताया जाता है कि पुर्तगाल के राजा जॉन थर्ड और उस वक्त के पोप ने जेसुइट मिशनरी बनाकर फ्रांसिस जेवियर को धर्म के प्रचार के लिए भारत भेजा था। उन्होंने भारत समेत चीन, जापान के कई लोगों को ईसाई धर्म में दीक्षा दी। उनकी मृत्यु चीन की एक समुद्र यात्रा के दौरान हुई थी।

तीन बार दफनाने के बाद भी ताजा अवस्था में थी बॉडी-

ऐसा कहा जाता है कि जेवियर ने मृत्यु से पहले शिष्यों को उनका शव गोवा में दफनाने को कहा था। जिसके बाद फ्रांसिस जेवियर की इच्छा के मुताबिक उनका पार्थिव गोवा में दफनाया गया, लेकिन कुछ सालों बाद रोम से आए संतों के डेलिगेशन ने उनके शव को कब्र से बाहर निकालकर फ्रांसिस जेवियर चर्च में दोबारा दफनाया। ऐसा कहा जाता है कि कुल तीन बार उनके शव को दफनाया गया। पर हर बार संत का शरीर उसी ताजा अवस्था में था जैसे उन्हें पहले दफनाया गया था। यह कहानी भी प्रचलित है कि संत के शरीर में दिव्य शक्तियां हैं।

हर 10 साल में होते हैं दर्शन-

सेंट फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी आज भी बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस के चर्च में रखी है। हर 10 साल में ये बॉडी दर्शन के लिए रखी जाती है। 2014 में आखिरी बार इस बॉडी को दर्शन के लिए निकाला गया था। बॉडी को कांच के एक ताबूत में रखा गया है। आज भी ये बॉडी सड़ी नहीं है।

अलग हो गया था हाथ-

संत की बॉडी को लेकर कहानी प्रचलित है कि मृत्यु के पहले सेंट फ्रांसिस जेवियर ने अपना हाथ अपनी दिव्य शक्तियों के जरिए शरीर से अलग किया था। यह हाथ उन्होंने अपनी पहचान के तौर पर रोम से आने वाले संतों के डेलिगेशन के लिए रखा था। इसके साथ उन्होंने एक चिट्ठी भी शिष्यों को दी थी। आज भी यह अलग हुआ हाथ चर्च में ही मौजूद है।

ऐसा क्यों -

बताया जाता है कि एक महिला ने सेंट फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी के पैर पर सुई चुभोई तो उसमें से खून निकलने लगा था। यह खून तब निकला जब उनके शरीर के खून को सूखे सैकड़ों साल हो चुके थे । मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट फ्रांसिस का एक बार टूरिस्ट ने अंगूठा काट लिया था। 2014 में डेड बॉडी आम जनता के सामने रखी गई थी। बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च में आज भी ताबूत में सेंट जेवियर की डेड बॉडी रखी हुई है ।


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