यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपाहिज दोस्त को गोद में उठाकर यात्रा कराते हैं गुरु भाई
लक्ष्य हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो तो कोई बाधा आड़े नहीं आती। रास्ते में अगर कुछ दोस्तों का साथ ...और पढ़ें

जम्मू । लक्ष्य हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो तो कोई बाधा आड़े नहीं आती। रास्ते में अगर कुछ दोस्तों का साथ मिल जाए तो संकल्प पूरा करने की राह और भी आसान हो जाती है। ऐसा ही कुछ राजस्थान के उदयपुर से आए परमानंद सरस्वती के साथ हुआ है।
परमानंद सरस्वती जन्म से ही अपाहिज हैं। इसके बावजूद बाबा अमरनाथ के भव्य दर्शन करने की उनकी इच्छा थी। उनकी इच्छा को उनके गुरु भाई शक्ति गिरी व सुरेंद्रानंद सरस्वती ने पूरा किया। दोनों गुरु भाई पिछले साल अपने अपाहिज गुरु भाई परमानंद सरस्वती को गोद में उठाकर जम्मू पहुंचे और यात्रा पर ले गए। इस साल भी दोनों गुरु भाई बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए जम्मू पहुंचे हैं। तीनों गुरु भाई पुरानी मंडी के राम मंदिर में ठहरे हैं और उन्होंने यात्रा पंजीकरण भी करवा लिया है। शक्ति गिरी बताते हैं कि परमानंद सरस्वती की बड़ी इच्छा थी कि वह बाबा के पवित्र हिमलिंग के दर्शन करें।
वह हर साल यात्रा पर आते थे लेकिन जब उन्हें परमानंद की इच्छा के बारे में पता चला तो उनका परमानंद को छोड़ यात्रा पर जाने का मन नहीं हुआ। इसलिए वह पिछली बार परमानंद को भी अपने साथ ले आए और उन्होंने सुरेंद्रानंद के साथ मिलकर परमानंद को यात्रा करवाई। शक्ति गिरी के अनुसार, दोनों बारी-बारी से परमानंद को उठाकर यात्रा पूरी करते हैं। इस बार भी वे तीनों यात्रा पर रवाना हो रहे हैं और भगवान शिव की कृपा से दर्शन करके लौटेंगे।
