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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऑस्ट्रेलिया में मिली लंबी गर्दन वाले डायनासोर की नई प्रजाति

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Fri, 21 Oct 2016 01:13 PM (IST)Updated: Sat, 22 Oct 2016 08:33 AM (IST)

शोधकर्ताओं का मानना है कि डायनासोर की यह प्रजाति 105 मिलियन साल पहले दक्षिण अमेरिका से यहां आई होगी।

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सिडनी, आईएएनएस। ऑस्ट्रेलिया में लंबी गर्दन वाले डायनासोर का जीवाश्म मिला है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस प्रजाति के डायनासोर के पूर्वज करीब 10.5 करोड़ साल पहले दक्षिण अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, सवानासोरस की खोज से सौरापोड्स के विकास और पूरी दुनिया में इनके फैलने पर नई रोशनी पड़ेगी।

यह खोज ऑस्ट्रेलिया एज ऑफ डायनासोर म्यूजियम के शोधकर्ताओं ने की। इससे जाहिर होता है कि टिटैनोसोरस वर्ग के डायनासोर दस करोड़ साल पहले पूरी दुनिया में पाए जाते थे। वैज्ञानिकों ने हाल ही में डायनासोर की एक और प्रजाति सौरापॉड्स की खोज की थी।

सौरापॉड्स की गर्दन और पूंछ बहुत लंबी होती थी। जबकि शरीर की तुलना में इनका सिर बहुत छोटा होता था। प्रमुख शोधकर्ता स्टीफेन पोरोपट का आकलन है कि सवानासोरस डायनासोर साढ़े दस करोड़ साल पहले दक्षिण अमेरिका से यहां पहुंचे होंगे।

सवानासोरस का जीवाश्म 2005 में क्वींसलैंड में पाया गया था। इसकी पहचान अब जाकर हो पाई है। ऑस्ट्रेलिया में अब तक जितने डायनासोर के अवशेष पाए गए उनमें से इसका कंकाल लगभग पूरे आकार में था।

इससे पहले ब्राजील में अब तक के सबसे बड़े डायनासोर के जीवाश्म की पहचान की गई है। यह डायनासोर अविश्वसनीय रूप से 25 मीटर लंबा था। ब्राजील के वैज्ञानिकों ने डायनासोर को 'ऑस्ट्रोपोसेडॉन मैग्निफिकस' नाम दिया है।

टिटैनोसोरस वर्ग से ताल्लुक रखने वाले इस डायनासोर का शरीर पूरी तरह से विकसित था। रियो डी जेनेरियो के अर्थ साइंसेज म्यूजियम के वैज्ञानिकों के अनुसार, टिटैनोसोरस वर्ग के डायनासोरों की गर्दन और पूंछ बहुत लंबी होती थी।

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