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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भड़ास कैफे! यहां जाइए और जमकर तोड़फोड़ करिए

By prabhapunj.mishraEdited By:
Published: Fri, 19 May 2017 06:27 PM (IST)

जब भयंकर गुस्‍से में होते हो तो आप को मन आसपास की चीजों को तोड़ने फोड़ने का करता होगा। ऐसा ...और पढ़ें

भड़ास कैफे! यहां जाइए और जमकर तोड़फोड़ करिए
भड़ास कैफे! यहां जाइए और जमकर तोड़फोड़ करिए

तोडू-फोडू कैफे का मजा लीजिये

जनाब इन्दौर के एक कैफे में जाकर आप जमकार तोड़फोड़ मचा सकते हैं और आप से कोई कुछ नहीं बोलेगा। अरे भाई बोलेगा नहीं पर तोड़फोड़ का कुछ पैसा तो लेगा ना। जी हां इस कैफे का नाम भड़ास कैफे है। कैफे का ऐसा नाम आप शायद पहली बार सुन रहे होंगे। यह अनोखा कैफे मध्य प्रदेश के इन्दौर शहर के चन्द्रनगर क्षेत्र में खुला है। लोग इस कैफे में जी-भर कर तोड़-फोड़ करते हैं और गुस्सा शान्त हो जाने पर खुद को तनावमुक्त महसूस करते हैं।

जो मन में आये तोड़ो-फोड़ो जनाब

यहां पर आप को कांच के गिलास, कप, कुर्सी, टीवी, लैपटॉप, कम्प्यूटर, सीपीयू, घड़ी से ले कर हर वो चीज मिलेगी जिसे तोड़ने में आप को मजा आये। गुस्सा निकालने के लिए यहां पंचिंग बैग्स से ले कर गुब्बारे तक मौजूद हैं। 2 रुपये से 5 रुपये तक देकर आप कांच के गिलास तोड़ सकते हैं। 50 रुपये में आप के लिये घड़ी भी है। यहां पर बड़े सामान तोड़ने के लिए आपको और ज्यादा पैसे देने होंगे। नुकसान के मुकाबले यह कीमत कम है। इस कैफे की सबसे खास बात यह है कि यहां आप पर कोई रोक-टोक नहीं है।

टेंशन फ्री होना है तो यहां आईये

यह कैफे अतुल मलिकराम नाम के युवक ने खोला है। उन्‍होंने कहा कि ये भारत का पहला भड़ास कैफे है। आज की भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में लोगों को तनाव और अवसाद से आजाद करने में ये कैफे बहुत मदद करेगा। इस कैफे में तोड़-फोड़ करके वो अपना मन शान्त कर पाएंगे। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें तोड़-फोड़ से पहले ग्लव्स, हेल्मेट और ट्रैक सूट भी पहनाए जाते हैं। इस कैफे की दीवारों और छत पर हर तरफ नफरत, गुस्सा, गुबार, चीखना जैसे शब्द बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे हुए हैं।

एक टीनेज ने इजाद किया एंगर रूम का कॉन्‍सेप्‍ट

भारत के लोगों के लिये ये कैफे नया और अजीबोगरीब हो सकता है लगे लेकिन विदेशों में बहुत पहले से ही ऐसे भड़ास केन्द्र लोकप्रिय हैं। वहां इन्हें एंगर रूम के नाम से जाना जाता है। लोगों में बढ़ते डिप्रेशन को देखते हुए सबसे पहले एंगर रूम बनाने का ख्‍याल अमेरिका की एक टीनेजर डोना अलेक्जेन्डर के मन में आया । साल 2008 में उसने अपने ऑफिस के लोगों को 5 डॉलर के बदले तोड़-फोड़ करने के लिए अपने गैराज में आमंत्रित किया। लोगों को यह आइडिया पसन्द आया। बाद में अजनबी भी उससे तोड़-फोड़ करने देने का आग्रह करने लगे। 2 साल बाद डोना ने अपनी जॉब छोड़ कर इस काम का बिजनेस शुरू कर दिया। आज अमेरिका समेत कई देशों में बहुत से एंगर रूम खुले हुए हैं।

सिर्फ तोड़फोड़ हीं नहीं मैडिटेशन भी कर सकते हैं आप

भड़ास कैफे में आप कॉफी की चुस्कियों के साथ अपना मनपसन्द संगीत भी सुन सकते हैं। मैडिटेशन रूम में जा कर ध्यान कर सकते हैं। इस दौरान आपके मोबाइल और दूसरे गैजेट्स आपसे दूर रख दिए जाएंगे। जरूरत महसूस होने पर यह कैफे आपको साइकोलाजिस्‍ट का परामर्श भी दिलवाया जायेगा। आप चाहे अपने बॉस से परेशान हों या बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड का गुस्सा हो पढ़ाई का फ्रस्‍टेशन हो या पति-पत्नी की आपस में न बनती हो। किसी पर बहुत गुस्सा आ रहा हो या किसी का सर फोड़ देने का मन कर रहा हो तो अब मन मारने की जरूरत नहीं।

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