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पर्रिकर का वादा, रक्षा विभाग में गलतियां बर्दाश्‍त नहीं

रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने रविवार को कहा कि हम कहीं भी आक्रामक नीति का अनुसरण नहीं करेंगे। साथ ही उन्‍होंने वादा किया कि रक्षा से संबंधित मामलों में गलतियां कत्तई बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

By Murari sharanEdited By: Published: Sun, 23 Nov 2014 04:29 PM (IST)Updated: Sun, 23 Nov 2014 05:07 PM (IST)

गुड़गांव। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने रविवार को कहा कि हम कहीं भी आक्रामक नीति का अनुसरण नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने वादा किया कि रक्षा से संबंधित मामलों में गलतियां कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुड़गांव में नेवी के इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड एनालिसिस सेंटर [आईएमएसी] के उद्धाटन के दौरान उन्होंने कहा कि हमें देश को मजबूत बनाने का टास्क दिया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति हमारी तरफ आंख उठा कर न देख सके। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं इस टास्क को पूरा करूंगा।

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उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर शासन नहीं किया। यह बात एक हद तक पड़ोसी देश चीन पर भी लागू होता है। इस देश का यही इतिहास है। यहां तक कि राम ने भी लंका को विभीषण को राज करने के लिए दे दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का सबसे बेहतर तरीका है कि हम खुद को मजबूत बना लें।

यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कौन सा टास्क दिया है, पर्रिकर ने कहा कि रक्षा ऐसा क्षेत्र है जहां गोपनीयता बरतने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि सेना को उसकी जरूरत की चीजें मिलनी चाहिए ताकि वह आत्मनिर्भर हो सके। आंतरिक सुरक्षा ऐसी चीज है जिसमें हम दूसरे पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि हथियारों की आपूर्ति के लिए हम दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकते।

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