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    बलूचिस्तान के लोगों पर कहर बरपा रही है पाक सेना: ब्रह्मदग बुगती

    By kishor joshiEdited By:
    Updated: Sat, 27 Aug 2016 01:59 PM (IST)

    शीर्ष बलूच नेता ब्रहमदग बुगती का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान के लोगों पर अत्याचारों का कहर बरपा रखा है।

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    वाशिंगटन (पीटीआई)। बलूच समुदाय के शीर्ष नेता ब्रहमदग बुगती का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में मानवाधिकार काननों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए वहां के लोगों पर अत्याचारों को और तेज कर दिया है। बुगती ने इस बारे में भारत सहित अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है।

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    10 साल पहले पाकिस्तानी आर्मी द्वारा एनकाउंटर में मारे गए बलूच राष्ट्रवादी नेता, नवाब अकबर खान बुगती के पोते और बलूच रिपब्लिकन पार्टी के नेता ब्रहमदग बुगती ने में हाल में पीएम मोदी को बलूचिस्तान के बारे में चिंता जताने के लिए शुक्रिया अदा किया था।

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    स्विट्जरलैंड में रह रहे बुगती ने कहा, "पाक के सैन्य बल बलूचिस्तान में मानव अधिकारों के उल्लंघन की सुनामी में लगे हुए हैं।" उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की देख-रेख में बलूचिस्तान में जनमत संग्रह करने की मांग की। बुगती ने इस बारे में नाटो देशों, अमेरिका, इजरायल और भारत जैसे देशों सहित अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है ताकि उन्हें पाकिस्तानी सैन्य बलों के अत्याचारों से छुटकारा मिल सके।

    उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तानी सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं बशर्ते आजादी आंदोलन से कोई समझौता ना हो। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान का क्षेत्रफल फ्रांस के बराबर है, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है और पाकिस्तान ने पिछले सात दशकों से यहां पर अवैध कब्जा किया हुआ है।

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    बुगती ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 15 अगस्त को बलूचिस्तान के बारे में दिए बयान को बीते सात दशकों में सबसे कड़ा बयान करार दिया। उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब भारत के प्रधानमंत्री ने इस बारे में बोला है, हमें उम्मीद है कि भारत इस बारे में आगे भी कदम उठाएगा।" उन्होंने कहा, "हम राजनैतिक लोग है और इस मामले का राजनैतिक समाधान चाहते है। पाकिस्तान के साथ रहने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। हम आजादी चाहते हैं। हम मूर्ख नहीं है कि बार-बार पाकिस्तान के साथ अपना भाग्य अजमाएं।"